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लखन की मौत से बेसहारा हुआ परिवार

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By Prabhat Khabar Digital Desk | August 26, 2016 1:25 AM

2002 में गंभीर बीमारी से मां की हुई थी मौत

तीन बेटियों की भरण पोषण की सता रही चिंता
छोटी बेटी की पढ़ाई हो जायेगी ठप
गोड्डा : सड़क हादसे में लखन मुर्मू की मौत के बाद परिवार बेसहारा हो गया है. परिवार में सिर्फ तीन पुत्री बच गयी है. तीन बेटी सनमति मुर्मू, श्रीनल मुर्मू व गुलो मुर्मू की परवरिश की चिंता ग्रामीणों को सता रही है. जुटे समाज के लोगों ने बताया कि इस घर पर दु:ख का पहाड़ टूट गया है.
लखन तो दुनिया से अलविदा कर गये. दो बेटी गरीबी के कारण पढ़ नहीं पायी है. दोनों साक्षर है. मगर तीसरी बेटी गुलो मुर्मू पढ़ाई कर रही है. गुलो ने कहा : अब बाबा के बिना हमारी जिंदगी कैसे कट पायेगी. बाबा मजदूरी कर किसी तरह से खाना खिलाते थे, हमारी पढ़ाई करा रहे थे. मैट्रिक में पढ़ रहे हैं. आगे की पढ़ाई नहीं कर सकेंगे. सुनते हैं सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम बनायी है. मैट्रिक व उच्च स्तरीय पढ़ाई की मांग डीसी चाचा से करते हैं.
गुलो ने बताया कि मां मकू हांसदा की मौत 2002 में ही बीमारी से हो गयी थी. पिता के आसरे ही परिवार की गाड़ी चल रही थी. लखन की भतीजी लक्ष्मी कुमारी ने बताया: टूटे घर में इसका परिवार आभाव में गुजर बसर कर रहा है. जिसे देखने वाला कोई नहीं है. अब तो चाचा भी नहीं रहे. चचेरी तीनों बहन के समक्ष जीवन यापन व गुलो की पढ़ाई का सवाल खड़ा हो गया है.
मृतक लखन मुर्मू की तीनों बेटी, बीच में गुलो मुर्मू,
परिवार पर गरीबी की मार पहले से है. लखन मुर्मू की छोटी बेटी गुलो की पढ़ाई गरीबी के कारण पूरी नहीं हो पायेगी. इस मामले में डीसी व डीएसइ से पहल की जायेगी.
– लक्ष्मी चक्रवर्ती, जिप उपाध्यक्ष

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