संशोधित बिल से खेती की जमीन से छीन जायेगा मालिकाना हक: प्रदीप

28 को नोटबंदी व एक्ट में संशोधन के खिलाफ दुमका में करेेंगे कैंप... दिल्ली के दबाव में सरकार ने लिया निर्णय, आदिवासी भुगतेंगे खामियाजा आदिवासियों की जमीन छीनकर अडाणी व अंबानी को फायदा पहुंचाना चाह रही सरकार संशोधित विधेयक के विरोध में सड़क से संसद तक आंदोलन करने का किया आह्वान गोड्डा : सीएनटी-एसपीटी एक्ट […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 27, 2016 3:22 AM

28 को नोटबंदी व एक्ट में संशोधन के खिलाफ दुमका में करेेंगे कैंप

दिल्ली के दबाव में सरकार ने लिया निर्णय, आदिवासी भुगतेंगे खामियाजा
आदिवासियों की जमीन छीनकर अडाणी व अंबानी को फायदा पहुंचाना चाह रही सरकार
संशोधित विधेयक के विरोध में सड़क से संसद तक आंदोलन करने का किया आह्वान
गोड्डा : सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन विधेयक के खिलाफ पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे आदिवासियों के लिए काला कानून बताया है. शनिवार को अपने आवास पर उन्होंने प्रेस वार्ता कहा सरकार केंद्र के दबाव में संशोधन कर अडानी व अंबानी को फायदा पहुंचाना चाह रही है. आदिवासियों को एक्ट में संशोधन से लाभ होने का झूठा आश्वासन दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सीएनटी एक्ट 1908 व एसपीटी एक्ट 1949 में बना था.
एसपीटी की धारा 13 एवं सीएनटी की धारा 21 , 49, 71 में मुख्य शक्तियां दी गयी है. एसपीटी की धारा 13 एवं सीएनटी की धारा 21 के तहत रैयतों की जमीन की उपयोगिता को परिभाषित किया गया है. दोनों ही धारा में वैसे रैयत जो कृर्षि कार्य के लिए जमीन का उपयोग करते है. एक्ट पारित होने के बाद सरकार जमीन का उपयोग गैर कृर्षि कार्य के लिए किसी भी क्षण कर सकती है. आदिवासियों का मालिकाना हक सरकार एक्ट के तहत छीन सकती है. इस स्थिति में एक्ट प्रभावहीन हो जायेगा.
कानून के बनने से स्प्रीट फाइलों को ही प्रभावित कर दिया है. उन्होंने कहा कि 1962 के ढीबर कमीशन के मामले को लेकर बिहार सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री ने कानून में संशोधन किया था. सरकार ने एसपीटी-सीएनटी एक्ट के छिद्र को भरकर और भी मजबूत कर दिया था. इसके लिए वे धन्यवाद के पात्र थे. उन्हाेंने कहा कि सरकार ने तो पहले ही स्थानीय नीति को परिभाषित कर खुजली पैदा किया था. अब सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन कर खाज का रूप दे दिया है. संशोधन के खिलाफ सड़क से संसद तक आंदोलन किया जायेगा. मौके पर धनंजय यादव, नवल साह, दिलीप कुमार साह, अमरेंद्र कुमार अमर, मनोज यादव मौजूद थे.