खदान हादसे के मजदूरों को शीघ्र मिले मुआवजा

महगामा : महगामा के एक्सपर्ट हॉस्टल में जिला प्रशासन, इसीएल व आउटसोर्सिंग कंपनी के बीच बैठक हुयी. जिला प्रशासन से महगामा एसडीओ संजय पांडेय ने आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधि बिट्टू सिंह से मरनेवाले मजदूरों को मुआवजा नहीं दिये जाने पर सवाल खड़ा किया . कंपनी कर्मी ने बताया कि मरनेवाले मजदूरों के सही उत्तराधिकारी की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 18, 2017 5:02 AM

महगामा : महगामा के एक्सपर्ट हॉस्टल में जिला प्रशासन, इसीएल व आउटसोर्सिंग कंपनी के बीच बैठक हुयी. जिला प्रशासन से महगामा एसडीओ संजय पांडेय ने आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधि बिट्टू सिंह से मरनेवाले मजदूरों को मुआवजा नहीं दिये जाने पर सवाल खड़ा किया . कंपनी कर्मी ने बताया कि मरनेवाले मजदूरों के सही उत्तराधिकारी की तलाश कर मुआवजे के भुगतान का आश्वासन दिया. कांग्रेस के प्रतिनिधि नीरज चौरासिया ने कंपनी के जवाब पर आपत्ति जाहिर की. कहा कि मृतक की पत्नी को मुआवजा दें. वहीं मलवे में दबे पांच लाशों को मृत सर्टिफिकेट नहीं दिये जाने को लेकर भी सवाल खड़े किये.

इस पर जिला प्रशासन ने मृत्यु प्रमाण-पत्र बनायेे जाने का आश्वासन दिया. हालांकि बैठक में इस बात पर भी सहमति नहीं बन पायी. कब तक मृतक के परिजनों के बीच मुआवजा दिया जायेगा. इसको लेकर जिला प्रशासन व इसीएल व कंपनी के प्रतिनिधि ने हाथ खड़े कर दिये. बताया कि अब तक निश्चित नहीं है. लेकिन मुआवजा दिया जायेगा. इसको लेकर कांग्रेस के नीरज चौरासिया ने बैठक को खानापूर्ति करार दिया. कहा कि कुल मिलाकर बैठक का नतीजा सिफर निकला. हालांकि बैठक की कवरेज से पत्रकारों को दूर रखा गया.

जिला प्रशासन व आउटसोर्सिंग की बैठक में उठी मांग
मलवे में दबे मजदूरों को मृत्यु-प्रमाण पत्र देने की उठा मसला
कांग्रेस प्रतिनिधि ने लगाया खानापूर्ति करने का आरोप