नाबालिग लड़की को मजदूरी कराने दिल्ली ले जाने के आरोपी को मिली सजा

सजावार आरोपी दोनों पति पत्नी, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया

By SANJEET KUMAR | March 26, 2025 11:40 PM

डीजे प्रथम कुमार पवन की अदालत ने दो नाबालिग लड़की को बहला-फुसला कर मजदूरी कराने के लिए ले जाने के आरोप में दोषी पाकर सजा सुनायी है. अदालत ने दोनों आरोपी को भादवि 370 में 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा एवं दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को छह महीने की सजा अलग से काटनी होगी. वहीं अदालत ने दोनों को 363 में भी दोषी पाकर सजा सुनायी है. दोनों सजायें साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है. सजावार आरोपी देवा उर्फ देवसागर पहाड़िया और बिल्लो पहाड़ीन ललमटिया थाना क्षेत्र के कुसुमघाटी की रहनेवाली है और दोनों पति-पत्नी है. दोनों के विरुद्ध सुंदरपहाड़ी थाना में नामजद प्राथमिकी सं 71/2016 दर्ज हुआ था. दर्ज प्राथमिकी सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र की नाबालिग लड़की के पिता द्वारा दायर किया गया था. दोनों पति-पत्नी नाबालिग लड़की के पिता के घर आते-जाते थे और दोनों ने पीडिता के माता-पिता की अनुपस्थिति में उसे बहला फुसला कर मजदूरी कराने के लिए दिल्ली लेकर चले गये. खोजबीन के क्रम में जब पीड़िता के पिता को पता चला, तो मुकदमा दर्ज हुआ. पुलिस ने अनुसंधान के दौरान दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और कोर्ट में चार्ज सीट दाखिल की. मामला सत्र अदालत में विचारण हेतु सत्रवाद 49/2017 में तब्दील हुआ. अदालत में विचारण के दौरान कुल छह गवाहों की गवाही हुई, जिसके आधार पर उक्त फैसला सुनाया.

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