पलायन रोकने व बच्चों को क्षमतावर्धन बनाने के लिए एकजुटता से करें कार्य : प्रमुख
ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति का किया गया गठन
बोआरीजोर प्रखंड के सभागार भवन में बाल संरक्षण समिति एवं बच्चों को क्षमतावर्धन बनाने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित की गयी, जिसकी अध्यक्षता प्रमुख जशीनता हेंब्रम ने किया. कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया. प्रमुख ने बताया कि साथी संस्था के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया गया है. क्षेत्र से पलायन रोकना एवं बच्चों में क्षमता वर्धन बढ़ाने के लिए सभी को मिलजुल कर कार्य करना होगा. यह प्रखंड सुदूर प्रखंड है लोगों को जागरूक करना आवश्यक है. ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति का गठन हुआ है. गठन को सक्रिय करना आवश्यक है. स्कूल में बच्चों को प्रार्थना के बाद बच्चों को उनके अधिकार एवं दायित्व के बारे में जानकारी देनी चाहिए. बाल सरक्षण समिति की बैठक प्रत्येक तीन महीने में प्रखंड कार्यालय में होना चाहिए. बीडीओ मिथिलेश कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र से लोग पलायन करते हैं. इसे रोकना आवश्यक है. जितने भी व्यक्ति पलायन करते हैं, उसका पंजीकरण होना आवश्यक है. इससे पलायन व्यक्ति को सरकारी लाभ दिलाने में मदद मिलेगी. मजदूर को श्रम कार्ड बनाना आवश्यक है ताकि भविष्य में कोई भी घटना होती है तो सरकारी मुआवजा राशि देने में आसानी होगी.
अनैतिक कार्यों को रोकने के लिए जागरूकता आवश्यक
बाल तस्करी, बाल अपराध, बाल यौन शोषण, बाल विवाह रोकने के लिए गांव मे जागरूकता आवश्यक है. मुखिया मनोज मरांडी ने कहा कि पहाड़िया गांव मे पलायन बाल तस्करी अत्यधिक होती है. पहाड़िया ग्रामीण को जागरूक करना अति आवश्यक है. बिचौलिया के द्वारा प्रलोभन देकर छोटी-छोटी लड़की को बेचा जाता है. इसे रोकना अति आवश्यक है. मंच का संचालन पिंकी बास्की ने किया. मौके पर बीपीओ रमेश कुमार, जीपीएस किशोर झा, लॉस मुर्मू, गौरव पाल, चंद्र महादेव, नीरज,लुखी, मीनू आदि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
