गर्भवती महिलाओं को भी भरती नहीं किया गया, कहा डॉक्टर नहीं हैं, यहां से जाइये

गुमलाः केंद्र व राज्य सरकार मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए अरबों रुपये खर्च कर रही है. सरकारी चिकित्सा केंद्रो में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दे रही है. दूसरी ओर शुक्रवार को सदर अस्पताल गुमला में प्रसव कराने पहुंची दर्जनों महिलाओं को चिकित्सकों व नर्सो ने छुट्टी का हवाला देते हुए […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 19, 2014 3:26 AM

गुमलाः केंद्र व राज्य सरकार मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए अरबों रुपये खर्च कर रही है. सरकारी चिकित्सा केंद्रो में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दे रही है. दूसरी ओर शुक्रवार को सदर अस्पताल गुमला में प्रसव कराने पहुंची दर्जनों महिलाओं को चिकित्सकों व नर्सो ने छुट्टी का हवाला देते हुए उन्हें टाल मटोल कर बैरंग लौटा दिया. शुक्रवार की सुबह नौ बजे से गुमला प्रखंड के विभिन्न ग्रामों से सहियाओं द्वारा प्रसव हेतु दर्जनों महिलाओं को सदर अस्पताल गुमला लाया गया था. प्रसव के लिए पहुंची महिलाएं पांच घंटे तक सदर अस्पताल के गेट के समक्ष दर्द से कराहते हुए प्रसव की बाट जोहती रहीं.

इनमें खोरा ग्राम निवासी टेंपो चालक गौतम साहू की पत्नी आशा देवी, डुमरला ग्राम निवासी प्रदीप महतो की पत्नी सुषमा देवी, लुटो ग्राम की जैनब बीबी, बाकिर लिटियाटोली निवासी सह कृषक भगवान उरांव की पत्नी तेतरी देवी व शहरी क्षेत्र के शांति नगर निवासी जितेंद्र भारती की पत्नी गुंजन देवी सहित एक दर्जन प्रसव महिलाएं शामिल थी. प्रतिनिधि के अस्पताल पहुंचने पर प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती महिलाओं से पूछने पर बताया कि सुबह नौ बजे से प्रसव कराने के लिए आये हैं. लेकिन भरती नहीं किया जा रहा है.

नर्स द्वारा कहा जा रहा है कि चिकित्सक छुट्टी पर हैं. भरती नहीं करेंगे. इस बात की जानकारी प्रभात खबर प्रतिनिधि को मिलने से पूर्व कुछ गर्भवती महिलाएं निजी क्लिनिकों का रास्ता अख्तियार कर चुकी थी. मीडियाकर्मी के अस्पताल पहुंचने पर प्रसव कक्ष में प्रतिनियुक्त नर्स छवि राय से पूछने पर कहा कि अस्पताल में एक ही महिला चिकित्सक है.

जो गुड फ्राइडे के अवसर पर छुट्टी पर है. महिला चिकित्सक के छुट्टी पर रहने के के कारण अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, इस बाबत पूछने पर नर्स ने कहा कि इस संबंध में मुङो कोई जानकारी नहीं है. इस संबंध में सिविल सजर्न डॉ एलएनपी बाड़ा से दूरभाष पर संपर्क कर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामला मीडियाकर्मी द्वारा मेरे संज्ञान में आया है. वहां ड्यूटी में उपस्थित चिकित्सक अमर मिश्र को मैंने दूरभाष पर प्रसव के लिए पहुंची महिलाओं को भरती करने का निर्देश दिया है.

इधर मीडियाकर्मियों के चले जाने के बाद प्रसव के लिए अपनी पत्नी को लेकर पहुंचे जितेंद्र भारती ने दूरभाष पर कहा कि सीएस के आदेश के बाद भी प्रसव के लिए भरती नहीं किया गया.वे अपनी पत्नी को लेकर उसरुलाइन कान्वेंट स्वास्थ्य केंद्र जा रहे हैं.