डाड़हा-छारदा पथ की जांच नहीं होने पर फटकार
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14 जून तक जांच कर प्रतिवेदन जमा करने का निर्देश.
मरदा-टेंगरिया तथा डहुडांड़-मरदा पथ का क्लोजर प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश.
गुमला : जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति गुमला की बैठक सोमवार को विकास भवन सभागार में हुई. अध्यक्षता भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के राज्यमंत्री सह सांसद सुदर्शन भगत ने की. बैठक में श्री भगत ने जिले में ग्रामीण विकास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, नगर परिषद, स्वास्थ्य विभाग, जिला समाज कल्याण विभाग, शिक्षा, पथ निर्माण विभाग, एनपीसीसी, भवन निर्माण, विद्युत, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, वन प्रमंडल, आइटीडीए, जिला आपूर्ति विभाग, जिला सहकारिता विभाग एवं उत्पाद अधीक्षक विभाग सहित अन्य विभागों से जिले मेंं संचालित योजनाओ की समीक्षा की.
इस क्रम में डाड़हा-छारदा पथ निर्माण में गुणवत्ता को दरकिनार करने की शिकायत पर अब तक निर्देश के बावजूद जांच नहीं कराये जाने पर एनपीसीसी को फटकार लगायी गयी. साथ ही जांच समिति से 14 जून तक प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया. वहीं पथ निर्माण विभाग की समीक्षा में श्री भगत ने मरदा-टेंगरिया तथा डहुडांड़-मरदा पथ का क्लोजर प्रतिवेदन तैयार कर विभाग को समर्पित कर जीर्णोद्धार कराने का निर्देश दिया. साथ ही पालकोट अलंकेरा पथ के मामले में वन विभाग से अनापत्ति पत्र प्राप्त करने के लिए वन विभाग से मिल कर मामला हल करने का निर्देश दिया. पेयजल विभाग की समीक्षा के क्रम में गोबरसिल्ली पर्यटन स्थल में पाइप लाइन बिछाने की योजना की ग्रामीणों तथा वन विभाग से सहमति नहीं लेने पर फटकार लगायी. साथ ही प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता को दिया. डुमरी प्रखंड के टांगरडीह में निर्मित प्याऊ को उपयोगी बनाने का निर्देश दिया.
वहीं बनारी पेयजलापूर्ति योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वन विभाग एवं ग्रामीणों से समन्वय स्थापित कर योजना पूर्ण करें. डुमरी प्रखंड के बंधुआ गांव में निर्मित शौचालय की गुणवत्ता जांच के संबंध में 10 दिन के अंदर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता को दिया. स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में गुमला सीएस द्वारा जानकारी दी गयी कि दंत चिकित्सक की सेवा एक स्थानीय डॉक्टर द्वारा नि:शुल्क प्राप्त हो रही है. श्री भगत ने सीएस को चिकित्सकों की कमी को दूर करने तथा अस्पताल में ब्लड बैंक, अल्ट्रासाउंड आदि सेवा के लिए सरकार से पत्राचार करने का निर्देश दिया. साथ ही दिव्यांगजनों के चिकित्सा प्रमाण-पत्र सुलभ कराने के लिए अनुमंडल तथा प्रखंड स्तर पर नियमित रूप से कैंप लगाने का निर्देश दिया. इसके अलावा जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविकाओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पद माह जून तक भरने, बिशुनपुर के मंजीरापाठ में योग्य सेविका सहायिका नहीं उपलब्ध होने की स्थिति में विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करने को कहा.
शिक्षा विभाग की समीक्षा में पालकोट की झिकिरमा पंचायत के डोंगा गांव में निर्माणाधीन विद्यालय भवन की गुणवता एवं लापरवाही पूर्ण निर्माण की उच्च स्तरीय जांच तकनीकी टीम से कराने का निर्देश दिया. मौके पर उपायुक्त श्रवण साय, उपविकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा, पूर्व विधायक कमलेश उरांव, भाजपा जिला अध्यक्ष सविंद्र कुमार सिंह सहित सिमडेगा, गुमला, सिसई, बिशुनपुर विधायक के प्रतिनिधि व विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे.