गुमला : श्रीलंका में शहीद एक्का का नहीं बना मृत्यु प्रमाण पत्र

गुमला : 1987 में श्रीलंका में शहीद हुए सीआरपीएफ के पदाधिकारी फेदलिस एक्का का 31 साल बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बना है. इस कारण पालकोट प्रखंड के देवगांव निवासी शहीद एक्का के परिजन सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं. परिवार जर्जर मकान में रहता है. शौचालय भी नहीं है. सीअरपीएफ-58 बटालियन के पदाधिकारी एक्का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
गुमला : 1987 में श्रीलंका में शहीद हुए सीआरपीएफ के पदाधिकारी फेदलिस एक्का का 31 साल बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बना है. इस कारण पालकोट प्रखंड के देवगांव निवासी शहीद एक्का के परिजन सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं. परिवार जर्जर मकान में रहता है. शौचालय भी नहीं है. सीअरपीएफ-58 बटालियन के पदाधिकारी एक्का 10 अक्तूबर 1987 को शांति सेना के सदस्य के रूप में श्रीलंका गये थे. लिट्टे से मुठभेड़ में वह शहीद हो गये.
पार्थिव शरीर श्रीलंका से गुमला लाना मुश्किल था, इस कारण वहीं उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनकी याद में सीआरपीएफ ने देवगांव में फेदलिस की प्रतिमा स्थापित कर दी. हर साल उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किये जाते हैं.
साहब, श्रद्धांजलि देने से पेट नहीं भरता है
शहीद की पत्नी इमिलिया एक्का ने कहा कि पति की मौत के बाद पेंशन मिलनी शुरू हो गयी थी, लेकिन जो सरकारी सुविधाएं मिलनी चाहिए थी, वह अब तक नहीं मिली हैं. पति का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनने से सरकारी सुविधा मिलने में परेशानी हो रही है. न घर है और न शौचालय. तंगहाली के कारण बच्चों की पढ़ाई भी ठीक से नहीं हो पायी.
घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है. सिर्फ शहीद के नाम से श्रद्धांजलि देने से पेट नहीं भरता है. उन्होंने कहा कि दो माह पहले बेटी के साथ मैं डीसी से मिली थी. उनसे मकान, शौचालय, मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने सहित कई समस्याओं को दूर करने की मांग की थी. डीसी ने आश्वासन दिया था कि समस्याएं शीघ्र दूर होंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.
जीएनएम का कोर्स किया है : बेटी
शहीद की बेटी बसंती एक्का ने कहा कि मैंने पूर्व में ही डीसी को ज्ञापन सौंपा. जिसमें कहा कि नर्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद नौकरी तलाश कर रही हूं. डीसी से सरकारी सुविधा के अलावा जीएनएम में नौकरी दिलाने की मांग की. बसंती ने कहा कि अगर मेरे पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बन जाये, तो हमारे कई समस्याओं का समाधान हो जायेगा.
बीडीओ को शहीद का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का आदेश दिया : डीसी
गुमला के डीसी शशि रंजन ने कहा कि शहीद का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए बीडीओ को आदेश दिया है. उनकी बेटी को एएनएम के तौर पर काम दिलाया जायेगा. शहीद के घर को पक्का कराया जायेगा. शौचालय भी बनेगा.
29 सितंबर को डीसी ने दिया था आदेश
29 सितंबर को डीसी ने पालकोट बीडीओ को मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने और परिजनों को सुविधाएं देने का निर्देश दिया था. इसी बीच बीडीओ का तबादला हो गया. 10 दिन पहले नये बीडीओ ने योगदान दिया है.
31 साल बीत गये
  • 1987 में शांति सेना के सदस्य के रूप में श्रीलंका गये थे सीआरपीएफ के पदाधिकारी फेदलिस एक्का
  • 10 अक्तूबर 1987 को लिट्टे के साथ मुठभेड़ में हो गये थे शहीद, अंतिम संस्कार श्रीलंका में ही हुआ
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