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एमडीएम बंद करने की चेतावनी दी

विभागीय लापरवाही के कारण तपकारा के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बंद हो सकता है एमडीएमप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीJayant Chaudhary: क्या है ऑरवेलियन-1984, जिसका मंत्री जयंत चौधरी ने किया है जिक्रJustice Yashwant Varma Case: कैसे हटाए जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज?Spies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 26, 2019 1:34 AM

विभागीय लापरवाही के कारण तपकारा के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बंद हो सकता है एमडीएम

जनता दरबार में किसी ने इलाज के लिए मदद तो किसी ने छात्रवृत्ति की गुहार लगायी
गुमला : राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय तपकारा में एमडीएम चलानेवाले ग्राशिस, शिक्षा समिति व सरस्वती वाहिनी (माता समिति) एमडीएम के बकाये पैसे की मांग को लेकर सरकारी अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश हैं. ऐसा नहीं कि कार्यालय में अधिकारी इनकी फरियाद नहीं सुन रहे. अधिकारी फरियाद तो सुन रहे हैं.
परंतु वे इनके बकाया पैसे का भुगतान करने की दिशा में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. जिससे इन लोगों में प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ रोष देखा जा रहा है. अब इन लोगों ने मंगलवार को जनता दरबार में डीसी को आवेदन देकर बकाये पैसे का भुगतान नहीं होने पर एमडीएम बंद करने की चेतावनी दी है. ग्राशिस अध्यक्ष मोतीलाल राम व संयोजिका फूलमनी धनवार ने बताया कि समिति का लगभग 90 हजार रुपये बकाया है.
समिति द्वारा दुकानों से कर्ज में अंडा, फल व किराना का सामान लेकर विद्यालय में सुचारू रूप से एमडीएम चलाया जा रहा है. परंतु एमडीएम का पैसा नहीं मिल रहा है. पैसा नहीं होने के कारण दुकानदारों को पैसा नहीं दे पा रहे हैं. वहीं दुकानदार आये दिन सामान का पैसा मांग रहे हैं. विद्यालय के फंड में एमडीएम का पैसा है. परंतु विद्यालय प्रधान पैसा नहीं दे रहा है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में बीइइओ को आवेदन दिये थे. परंतु उनके स्तर से भी बकाये रुपये का भुगतान नहीं हो पा रहा है. अध्यक्ष व संयोजिका ने कहा कि स्थिति यही रही तो विद्यालय में एमडीएम बंद कर देंगे.
जिसकी सारी जवाबदेही विद्यालय प्रधान व शिक्षा विभाग की होगी. वहीं घाघरा दीरगांव की रिंकी कुमारी ने डीसी से अपना नामांकन केजीबीवी घाघरा में इंटर में कराने की मांग की है. रिंकी ने बताया कि घाघरा से दीरगांव की दूरी लगभग 35 किमी है. गांव से रोजाना घाघरा आने-जाने में भारी परेशानी होगी. इसी प्रकार चैनुपर बामदा के स्वर्गीय सूरज उरांव के पुत्र पंचू उरांव ने डीसी से अपने अल्सर के इलाज के लिए सहायता करने की गुहार लगायी. पंचू ने बताया कि उसके माता-पिता अथवा सगे-संबंधी नहीं है.
वह अल्सर की बीमारी से ग्रसित है. वहीं सिसई मकुंदा गांव के विवेकानंद गिरि ने डीसी से अपनी पुत्री को छात्रवृत्ति दिलाने की मांग की. विवेकानंद ने बताया कि उसकी पुत्री पायल कुमारी व प्रियंका कुमारी कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय में पढ़ती है. दोनों का छात्रवृत्ति फार्म भरा हुआ था. जिसमें पायल को छात्रवृत्ति मिली. परंतु प्रियंका को छात्रवृत्ति फार्म में सामान्य जाति कर दिया गया है. जिस कारण प्रियंका को छात्रवृत्ति नहीं मिली.

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