बैंक से किसान का आइएफएससी कोड बदले जाने के कारण नहीं मिला रहा पैसा
गुमला :सिसई प्रखंड अंतर्गत पोटरो गांव के किसान रामविलास साहू ने मंगलवार को जनता दरबार में गुमला डीसी के नाम डीडीसी हरिकुमार केसरी को आवेदन दिया. आवेदन में सिसई लैंपस में बेचे गये धान का पैसा दिलाने की गुहार लगायी है. मंगलवार को जनता दरबार में डीसी के नहीं होने के कारण डीडीसी फरियादियों की फरियाद सुन रहे थे.
किसान रामविलास साहू ने डीडीसी को बताया कि मैंने दो माह पूर्व सिसई लैंपस में 48 क्विंटल धान की बिक्री की है. 48 क्विंटल धान का 91 हजार 200 रुपये मुझे लेना है, परंतु अब तक पैसा नहीं मिला है. मुझे पैसे की बहुत सख्त जरूरत है.
मेरा बैंक खाता दी गुमला-सिमडेगा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि. सिसई है. बैंक द्वारा मेरा आइएफएससी कोड बदल दिया गया है, जिस कारण पैसा अब तक मेरा खाता में नहीं आया है. पैसा भुगतान कराने की मांग को लेकर वह पूर्व में डीएसओ के पास कई बार जा चुका है, परंतु डीएसओ ध्यान नहीं दे रहे हैं. अभी खेतीबारी का समय है. पैसे के अभाव में खेतीबारी नहीं कर पा रहा हूं. किसान की बात सुनने के बाद डीडीसी ने डीएसओ से बात कर और बैंक में आइएफएससी कोर्ड सुधरवा कर भुगतान कराने का आश्वासन दिया है. वहीं घाघरा प्रखंड अंतर्गत सरांगों गांव के सोमरा नायक ने आवास बनवाने की मांग की है.
सोमरा ने बताया कि प्राकृतिक आपदा में उसका घर क्षतिग्रस्त हो गया है. घर क्षतिग्रस्त होने के कारण बरसात के मौसम में पूरे परिवार के समक्ष रहने की समस्या उत्पन्न हो गयी है. खरका गांव की मेनो देवी ने पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत घर बनवाने की मांग की है. मेनो ने बताया कि उसके घर की स्थिति ठीक नहीं है. घर कभी भी ढह सकता है. आवास के लिए ग्रामसभा में अनेकों बार आवेदन दिये हैं, परंतु अब तक मेरे नाम से आवास पास नहीं हुआ है.