वोट कटवा के कारण खतरे में है लोकतंत्र

गुमला : गुमला में चुनावी हलचल तेज हो गयी है. जगह-जगह चुनावी चर्चा हो रही है. चाय की दुकानें मुख्य चुनावी चर्चा का अड्डा बन गयी हैं. ऐसा ही एक चुनावी चर्चा मंगलवार को सिसई रोड की चाय दुकान में हो रही है. चर्चा में गुमला के कुछ युवक थे. इसमें कुछ सरकारी पेशे से […]

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गुमला : गुमला में चुनावी हलचल तेज हो गयी है. जगह-जगह चुनावी चर्चा हो रही है. चाय की दुकानें मुख्य चुनावी चर्चा का अड्डा बन गयी हैं. ऐसा ही एक चुनावी चर्चा मंगलवार को सिसई रोड की चाय दुकान में हो रही है. चर्चा में गुमला के कुछ युवक थे. इसमें कुछ सरकारी पेशे से थे, तो कुछ समाज सेवी थे.

चर्चा में ही हारने व जीतने की बात हुई. तभी एक समाज सेवी युवक ने कहा : गुमला में तो इतने वोट कटवा चुनाव लड़ रहे हैं कि लोकतंत्र खतरे में पड़ गया है. कई वोट कटवा, हजार से डेढ़ हजार वोट लायेंगे, परंतु जीत का ख्वाब देखने में वे ही आगे हैं.
आज अगर अच्छे नेता की हार हो रही है, तो उसके पीछे कुछ गिने-चुने चापलूसी करने वाले नेता हैं. जो तनिक लाभ के लिए लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. इतने में एक सरकारी पेशे के युवक ने कहा कि समय खराब चल रहा है. जो काम करना चाहता है, उसे कोई काम करने देना नहीं चाहता है. पैर खिचावल खूब होता है.
पैर खींचने का खेल न सिर्फ राजनीति में हो रहा है, बल्कि अब सरकारी नौकरियों में यही बात है. उक्त युवक ने यह भी कहा कि इसबार का चुनाव भी दिलचस्प लग रहा है. कई निर्दलीय ऐसे खड़े हो गये हैं, जो पहले से कर्ज में डूबे हैं. जहां-तहां से नोमिनेशन का पैसा जुगाड़ कर चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे लोग खुद को धोखा देने के साथ ही समाज को भी भ्रमित कर रहे हैं.
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