घाघरा के पारा शिक्षकों ने डीएसइ सच्चिदानंद को ईमानदार बतायासरकारी शिक्षकों पर दोहरी राजनीति करने का आरोप प्रतिनिधि, गुमलाघाघरा प्रखंड पारा शिक्षक संघ की बैठक रविवार को राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में हुई. अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष रविंद्रनाथ राम ने की. शिक्षक प्रकाश टोप्पो व उनकी शिक्षिका बहन सरोज टोप्पो की हत्या के दौरान शिक्षकों के आंदोलन पर चर्चा की गयी. वक्ताओं ने कहा कि दो दिवसीय हड़ताल के कार्य के समायोजन में देखा गया कि सरकारी शिक्षक अपने आकस्मिक अवकाश का उपभोग करते हुए पारा शिक्षकों से काम कराये हैं. जबकि पूर्व में निर्णय हुआ था कि हड़ताल की क्षतिपूर्ति के एवज में सभी शिक्षक अवकाश में स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ायेंगे. लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ. अध्यक्ष श्रीराम ने कहा कि गुमला जिले में जब भी शिक्षक आंदोलन की बात हुई है. पारा शिक्षक संघ अक्सर सरकारी शिक्षकों का सहयोग किये हैं. लेकिन कभी भी सरकारी शिक्षक पारा शिक्षकों का साथ नहीं देते हैं. उन्होंने कहा कि डीएसइ सच्चिदानंद द्विवेंदु तिग्गा पर गलत आरोप लगा कर उनका पावर सीज कराया गया है. इसके पीछे शिक्षक नेताओं की राजनीति है. जब से सच्चिदानंद गुमला के डीएसइ बने हैं, कोई भी काम पूरी ईमानदारी से किये हैं. खास कर पारा शिक्षकों की हर समस्या को उन्होंने गहराई से सुन कर उसे दूर किया है. उनको हटाने का पारा शिक्षक संघ घाघरा विरोध करता है. शिक्षा मंत्री व उपायुक्त से मांग करता है कि सच्चिदानंद तिग्गा को पुन: पावर दिया जाये. बैठक में विजय कुमार, श्वेता कुमारी, महिमा टोपनो, अंजु कुमारी, पुष्पा कुमारी, जसोवंती, सुधीर भगत सहित कई लोग थे.
डीएसइ के समर्थन में उतरे पारा शिक्षक संघ
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