बॉक्स ::4:::: माओवादी संगठन विस्तार में जुटा

सुमड़ो गांव का है माओवादी हमले में घायल युवक साहू माओवादी के डर से मंगल दस्ते के दो युवक गोवा भागेसुमड़ो गांव में मंगल के शव को अंतिम संस्कार किया गयाप्रतिनिधि, गुमलापांच लाख रुपये का इनामी जनहित क्रांति संगठन के सुप्रीमो मंगल नगेशिया को मारने के बाद भाकपा माओवादी पालकोट व रायडीह प्रखंड में संगठन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

सुमड़ो गांव का है माओवादी हमले में घायल युवक साहू माओवादी के डर से मंगल दस्ते के दो युवक गोवा भागेसुमड़ो गांव में मंगल के शव को अंतिम संस्कार किया गयाप्रतिनिधि, गुमलापांच लाख रुपये का इनामी जनहित क्रांति संगठन के सुप्रीमो मंगल नगेशिया को मारने के बाद भाकपा माओवादी पालकोट व रायडीह प्रखंड में संगठन विस्तार में जुट गये हैं. अभी माओवादियों का एक प्लाटून पालकोट इलाके में ठहरा हुआ है. क्षेत्र के युवकों को संगठन से जोड़ने का काम कर रही है. माओवादी हमले में घायल युवक की पहचान सुमड़ो गांव के साहू के रूप में की गयी है. बताया जा रहा है कि उसे एक गोली लगी है. गांव के ही झोला छाप डॉक्टर से उसने गोली निकलवाया है. अभी वह उसी इलाके में छिपा हुआ है. सूत्रों के अनुसार मंगल के मारे जाने के बाद माओवादियों के डर से जनक्रांति के दो सदस्य गोवा भाग गये. माओवादियों प्रवक्ता विश्वामित्र ने कहा है कि अब उनका मकसद पालकोट व रायडीह में संगठन को मजबूत करना है. यहां बता दें कि जबत् ाक मंगल नगेशिया जीवित रहा, इस इलाके में पीएलएफआइ व भाकपा माओवादी को जमने नहीं दिया. अगर कुछ लोग थे, तो उन्हें मंगल ने मार गिराया था. रायडीह इलाके में उसने जनता के लिए कई काम भी किया था. जिस कारण लोग उसे पसंद करते थे. यही वजह है कि वह पुलिस के हाथों आने से बचता रहा है. सुमड़ो नदी के किनारे अंतिम संस्कार हुआगुमला सदर अस्पताल में मंगल के शव का पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को उसके शव का अंतिम संस्कार किया गया. कांसीकोना के बगल में स्थित सुमड़ो गांव से बहने वाली नदी के किनारे शव को जलाया गया. मौके पर उसकी दोनों पत्नी व गांव के कई लोग थे.कई युवकों का पुलिस रिकॉर्ड में नाम नहींबताया जा रहा है कि मंगल नगेशिया के साथ घूमनेवाले कई युवकों का पुलिस रिकॉर्ड में नाम नहीं है. शाही टोंगरी जहां मंगल 15 दिन से कैंप किये हुए था. बताया जा रहा है कि टोंगरी के ऊपर मंगल होलिका बाई व सुमड़ो गांव के साहू नामक युवक के साथ था. जबकि उसके पांच साथी पहाड़ के नीचे ठहरे हुए थे. जब माओवादियों ने मंगल पर हमला किया तो पांचों युवक भाग निकले थे.

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