:3:::: भाजपा सरकार बाबूलाल मरांडी के भगोड़े विधायकों की देन है: सुबोध कांत सहाय

:3:::: भाजपा सरकार बाबूलाल मरांडी के भगोड़े विधायकों की देन है: सुबोध कांत सहाय फोटो- एलडीजीए- 16 पत्रकारों को संबोधित करते सुबोध कांत सहाय. लोहरदगा. कांग्रेस पार्टी के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय पार्टी कार्यालय राजेंद्र भवन में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस पार्टी की जीत सुनिश्चित है. सबकी निगाह सुखदेव भगत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

:3:::: भाजपा सरकार बाबूलाल मरांडी के भगोड़े विधायकों की देन है: सुबोध कांत सहाय फोटो- एलडीजीए- 16 पत्रकारों को संबोधित करते सुबोध कांत सहाय. लोहरदगा. कांग्रेस पार्टी के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय पार्टी कार्यालय राजेंद्र भवन में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस पार्टी की जीत सुनिश्चित है. सबकी निगाह सुखदेव भगत की ओर है. हमारी लड़ाई आजसू सहित किसी दल से नहीं, बल्कि भाजपा-आजसू गंठबंधन सरकार के एक वर्ष के निकम्मे शासन के खिलाफ है. श्री सहाय ने कहा कि भाजपा सरकार बाबूलाल मरांडी के भगोड़े विधायकों की देन है. झाविमो के विधायक चुनाव जीतने के बाद भाजपा के साथ चले गये. रघुवर दास सरकार की डपोरपंथी के कारण राज्य में विकास कार्य नहीं हो रहा है. कांग्रेस सरकार द्वारा चलायी गयी इंदिरा आवास योजना, मनरेगा में राशि कटौती कर विकास को अवरूद्ध किया गया है. सर्वशिक्षा की राशि में कटौती की गयी. बीपीएल परिवारों के क्रियान्वित योजना बंद कर दी गयी है. राज्य में संचालित 12 योजनाओं को बंद कर दिया गया है. राज्य सरकार पैसा खर्च नहीं कर पा रही है. राज्य की स्थिति दयनीय है. कांग्रेस के आंदोलन के कारण राज्य को सूखा क्षेत्र घोषित किया गया, लेकिन सूखा राहत कार्य नहीं चलाया जा रहा है. महंगाई को लेकर सरकार चुप्पी साधे हुए है. जमाखोरों पर कोई कार्रवाई सरकार नहीं कर रही है. कहा कि अपराधियों के लिए लाया कानून सीसीए नेताओं पर लगाया जा रहा है. रघुवर सरकार के इस निर्णय से झारखंड के मंत्री योगेंद्र साव को जेल जाना पड़ा, जबकि योगेंद्र साव के लड़ाई के कारण वहां के विस्थापितों को लाभ हुआ है. लोहरदगा उपचुनाव एनडीए की विफलता का कारण है. लोहरदगा के पूर्व विधायक केके भगत अपने कुकर्मो के कारण जेल गये. कहा कि बिहार में भाजपा की हार से साबित हो गया है कि देश में अहंकारवाद का खात्मा हो रहा है. देश असहिष्णुता के दौर से गुजर रहा है. सरकार के कारनामों के कारण पुरस्कार लौटाये जा रहे हैं. झामुमो, कांग्रेस के बीच गंठबंधन था जो टूट गया. हम व्यापक गंठबंधन चाहते हैं, लेकिन ये दुर्भाग्यवश नहीं हो सका. मौके पर राजीव रंजन प्रसाद, अनादि ब्रह्म, राजेश गुप्ता, अशोक चौधरी, ज्योति सिंह मथारु, सुरेंद्र सिंह, दीपिका पांडे सिंह आदि मौजूद थे.

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