:4::: नि:शक्त भी समाज के अंग हैं : न्यायिक दंडाधिकारी

:4::: नि:शक्त भी समाज के अंग हैं : न्यायिक दंडाधिकारी 3 गुम 8 में संबोधित करते न्यायिक दंडाधिकारी गुमला. विश्व विकलांगता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला के तत्वावधान में गुरुवार को जतरा टाना भगत हाई स्कूल पुगू में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह प्राधिकार के […]

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:4::: नि:शक्त भी समाज के अंग हैं : न्यायिक दंडाधिकारी 3 गुम 8 में संबोधित करते न्यायिक दंडाधिकारी गुमला. विश्व विकलांगता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला के तत्वावधान में गुरुवार को जतरा टाना भगत हाई स्कूल पुगू में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह प्राधिकार के प्रभारी सचिव राम जियावन ने कहा कि अन्य लोगों की तरह नि:शक्त भी हमारे समाज के अंग हैं. जिसे सम्मान की दृष्टि से देखना चाहिए. विकलांगों को समान अवसर व उनके अधिकारों के संरक्षण तथा समाज में संपूर्ण भागीदारी दिलाने के लिए एक कारगर एवं उपयोगी अधिनियम भी बनाया गया है. इसके अलावा श्री जियावन ने विभिन्न प्रकार के कानूनों की जानकारी दी. स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि किसी भी तरह के अपराध का जन्म से घर से ही होता है. अत: घर की महिलाओं को चाहिए कि वे अपने घर मा माहौल सुंदर व शांत बनाये रखे. ताकि घर में कलह न हो और पूरा परिवार एक अच्छी जिंदगी जीये. मौके पर अधिवक्ता विष्णु शर्मा, उदय शंकर सिंह, बुंदेश्वर गोप, गिंदवार अघन उरांव, विनय उरांव, शुद्धेश्वर महतो, अनिल लकड़ा, रजनी कुजूर, सुनीता कुमारी, अशोक कुमार राम, करमा उरांव सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.

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