ओके:::गुम:: फोटो : अच्छा काम करने वालों को मिलेगा प्रशस्ति पत्र

ओके:::गुम:: फोटो : अच्छा काम करने वालों को मिलेगा प्रशस्ति पत्र : डीसी ने जिला स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक की: डीसी ने विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रखंडवार समीक्षा की: निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने पर डीसी ने नाराजगी प्रकट की 8 गुम 3 में बैठक करते डीसी व अन्य […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

ओके:::गुम:: फोटो : अच्छा काम करने वालों को मिलेगा प्रशस्ति पत्र : डीसी ने जिला स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक की: डीसी ने विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रखंडवार समीक्षा की: निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने पर डीसी ने नाराजगी प्रकट की 8 गुम 3 में बैठक करते डीसी व अन्य प्रतिनिधि, गुमला जिला स्वास्थ्य विभाग गुमला की बैठक डीसी श्रवण साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन में हुई. बैठक में जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रखंडवार डीसी ने समीक्षा की. परिवार नियोजन की समीक्षा में सबसे बेहतर स्थिति रायडीह सीएचसी का पाया गया. डीसी ने संबंधित सीएचसी पदाधिकारी की प्रशंसा की. वहीं अन्य प्रखंडों का परिवार नियोजन में प्रतिशत कम रहने पर संबंधित सीएचसी पदाधिकारी को फटकार लगायी और इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक में उपस्थित सीएस डॉक्टर जेपी सांगा को निर्देश दिया कि जो अच्छा काम करता है, उसे प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करें. उसे प्रेरित करें, ताकि वह और भी अच्छा से काम कर सके. सीएम का आदेश है कि अच्छा काम करने वाले सम्मानित होने चाहिए. वहीं डाटा इंट्री की समीक्षा में डीसी ने नाराजगी प्रकट की. स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों का सीएचसी स्तर पर डाटा इंट्री का काम काफी धीमा है. डीसी ने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या है, तो उसे दूर कर काम पूरा करें. समस्या डुमरी व जारी में भी है, लेकिन वे यहीं आकर डाटा इंट्री करते हैं. समस्या बताने से बेहतर है कि उसका समाधान कर काम पूरा करें. 20 अप्रैल तक हर हाल में डाटा इंट्री का काम पूरा करें. टीकाकरण की समीक्षा में पाया गया कि बिशुनपुर का सबसे अधिक 84 प्रतिशत तथा डुमरी का सबसे कम 60 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया गया है. इस पर डीसी ने सभी सीएचसी पदाधिकारियों को समय पर निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया. वहीं जिले में यक्ष्मा की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि गत वर्ष जिले में यक्ष्मा रोगियों की संख्या मात्र 123 थी, जबकि इस वर्ष लगभग 500 होने की संभावना है. यक्ष्मा संबंधित रोगियों की पहचान करने और उसे समुचित चिकित्सीय सेवा देने के लिए 10 अप्रैल तक डोर टू डोर विजिट कर कार्य किया जा रहा है. जिसमें भरनो, रायडीह, घाघरा व पालकोट की स्थिति खराब है. इन क्षेत्रों में नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने की जरूरत है. इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे अन्य कार्यों की भी डीसी ने समीक्षा की और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक में प्रशिक्षु आइएएस कुलदीप चौधरी, डीपीएम विजय कुमार व राजीव कुमार सहित जिले के सभी प्रखंड के चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित थे.

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