प्रखंड तकनीकी प्रबंधकों की बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने दिशा-निर्देश दिये. उन्होंने परती भूमि पर खेती करने सहित अन्य बिंदुओं पर उनके साथ विचार-विमर्श किया. कार्य में कोताही नहीं बरतने को कहा.
गुमला : गुमला के जिला कृषि पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में प्रखंड तकनीकी प्रबंधकों के साथ बैठक की. बैठक में परती भूमि, फसल आच्छादन, फसल बीमा, किसानों के बीच खाद-बीज व फर्टिलाइजर वितरण सहित अन्य कई बिंदुओं पर चर्चा की गयी.
परती भूमि की चर्चा में श्री सिंह ने बताया कि जिले में कई हेक्टेयर जमीन ऐसी हैं, जहां वर्षों से खेतीबारी नहीं की जा रही है. जिन-जिन किसानों की परती भूमि है, उन्हें चयन करना है और परती भूमि को खेती योग्य बनाने के लिए किसानों को 4200 रुपये प्रोत्साहन राशि देनी है. 4200 रुपये में किसानों को चार हजार रुपये देय होगा. बाकी के 200 में से प्रोत्साहन करने वाले को 100 एवं जांच कमेटी को 100 रुपये मिलेगा.
जिले में चार हजार से भी अधिक किसानों को प्रोत्साहन राशि देने का लक्ष्य है. फसल आच्छादन के संबंध में श्री सिंह ने बताया कि जिले में अभी तक उतनी बारिश नहीं हो पायी है, जितनी की जरूरत है. समय अभी गुजरा नहीं है, इसलिए अच्छी बारिश होने संभावना है और किसान खेतीबारी के कार्य में लग गये हैं. इन किसानों की फसलों का भी बीमा करना है.
जिले में 45 हजार से भी अधिक किसानों की फसलों का बीमा करना है और लैंपसों के माध्यम से किसानों के बीच सरकार द्वारा दी जा रही खाद-बीज सहित फर्टिलाइजर सामग्री का वितरण अनुदानित दर पर करना है. इन सभी कार्यों की देखरेख और लक्ष्य पूरा करने के लिए जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड तकनीकी प्रबंधकों को अपनी महती भूमिका निभानी है.
श्री सिंह ने कहा कि पता चला है कि कुछ प्रखंड तकनीकी प्रबंधक रोजाना रांची से आना-जाना करते हैं. इसमें सुधार करने की जरूरत है. श्री सिंह ने सभी प्रबंधकों को निर्देश दिया कि शनिवार तक हर हाल में अपने-अपने संबंधित प्रखंड में ठहराव सुनिश्चित कर काम करें. कार्य में किसी प्रकार की कोताही बरदाश्त नहीं की जायेगी. कृषि विभाग पर अभी एक बहुत ही बड़ी जिम्मेवारी है और इस जिम्मेवारी को हम सभी को मिल कर पूरा करना है.