गुमला : पूर्व जैक पार्षद देवचरण गोप ने बुधवार को डीसी श्रवण साय के माध्यम से सचिव मानव संसाधन विभाग को 17 सूत्री मांग पत्र सौंपा है. इसमें उन्होंने घाघरा कस्तूरबा स्कूल की घटना का जिक्र करते हुए अविलंब कार्रवाई की मांग की है. ज्ञापन में कहा है कि केजीवी घाघरा में प्रतिदिन सुबह नाश्ते में शनिवार व सोमवार को ब्रेड, मंगलवार, गुरुवार व रविवार को फ्राई राइस व बुधवार व शुक्रवार को पोहा मिलता है. दूध में आधा पानी मिलाया जाता है.
इसमें मात्र एक किलो हॉरलिक्स डाला जाता है. जबकि दूध में हॉरलिक्स नहीं डालना है. बल्कि छात्र को दो चम्मच हॉरलिक्स देने का प्रावधान है. सप्ताह में दो दिन फल देना है, लेकिन एक दिन भी फल नहीं मिलता है. रात में खाना के साथ एक मीठा सभी छात्र को देना है, लेकिन वह मीठा शाम के नाश्ते में दे दिया जाता है. शाम का नाश्ता बचा लिया जाता है. बाबा चावल का बोरा रहता है. इसमें कोटा का चावल भरा रहता है. खाने से बदबू आती है. चावल को अच्छा से धोया नहीं जाता है. सप्ताह में दो दिन पनीर मिलता है. पनीर को फ्राइ नहीं किया जाता है. पोहा में कुछ नहीं डाला जाता है.
पकाया भी नहीं जाता है. विद्यालय की छात्रा झाडू लगाने, सब्जी काटने, खाना बांटने व बरतन धोने का काम करती हैं. यह कम विद्यालय की रसोइया का है. अगर छात्रा अधिकारी के पास शिकायत करती हैं, तो उसे प्रताड़ित किया जाता है. चौकीदार अजरुन राम वर्मा के कहने पर ही वार्डन कोई काम करती हैं. रसोइया मंजू देवी कभी भी रसोइ में खाना बनाने का काम नहीं करती हैं. नौकर से खाना बनवाती है. अगर विद्यालय में वार्डन नहीं रहती है, तो कोई शिक्षिका छात्राओं को देखने तक नहीं आती है. सभी छात्रा रात में अकेले ही रहती हैं. सभी विषय के शिक्षक नहीं हैं. इससे छात्राओं को पढ़ने में काफी परेशानी होती है.