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सड़क जाम, तीन गाड़ियों में तोड़फोड़

गुमला : सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ विपक्ष द्वारा बुलाये गये झारखंड बंद का गुमला जिले में व्यापक असर रहा. दुकानें बंद रही, वाहन नहीं चले. विपक्ष के उत्पात के डर से चाय व पान की दुकानें भी बंद रहीं. हालांकि बंद शांतिपूर्ण रहा. भरनो को छोड़ कर कहीं से अप्रिय घटना […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 26, 2016 7:39 AM
गुमला : सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ विपक्ष द्वारा बुलाये गये झारखंड बंद का गुमला जिले में व्यापक असर रहा. दुकानें बंद रही, वाहन नहीं चले. विपक्ष के उत्पात के डर से चाय व पान की दुकानें भी बंद रहीं. हालांकि बंद शांतिपूर्ण रहा. भरनो को छोड़ कर कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.
गुमला जिले में 215 लोगों ने गिरप्तारी दी, जिन्हें देर शाम को थाना से छोड़ दिया गया. भरनो प्रखंड में किसी ने गिरफ्तारी नहीं दी. सुबह से शाम तक सड़क जाम रखा गया. तीन गाड़ियों में तोड़फोड़ की गयी. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया है. गुमला जिले में जगह-जगह पर नेशनल हाइवे सड़कों पर टायर जला कर सड़क अवरूद्ध करने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रशासन व पुलिस की सजगता से सड़क पर जलते टायर को हटाया गया. प्रशासन हर तरफ चौकस था.
शाम को तोड़फोड़, हल्का बल प्रयोग : भरनो. सुबह छह बजे ही लोग सड़क पर उतर आये थे. मिशन चौक के पास बीच सड़क पर दरी बिछा कर लोग बैठ गये. नेतृत्व पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव व जेएमएम नेता जिग्गा मुंडा ने किया. दिन भर लोग सड़क पर बैठे रहे.
पेड़ में सीएम का पुतला बना कर टांग दिया. कई बार प्रशासन सड़क जाम हटाने गया, वार्ता भी हुई, लेकिन विपक्ष सड़क से नहीं हटा. अंत में तीन बजे के बाद प्रशासन ने हल्का बल प्रयोग कर सड़क जाम हटाने का प्रयास किया. इस दौरान नेता उग्र हो उठे. कुछ लोग गाड़ी से घूम कर वाहनों का परिचालन ठप करा रहे थे. खरवागढ़ा व कुसुमबहा में दो टेंपो व एक स्कार्पियों गाड़ी में तोड़फोड़ की गयी. शाम होने पर मुख्यमंत्री रघुवर दास का पुतला दहन किया गया. सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी हुई है. बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे लोगों में कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रशेखर उरांव, जेएमएम अध्यक्ष जोलसन बड़ा, एसीएस अध्यक्ष बंदे उरांव, उपप्रमुख एतवा उरांव, शंकर उरांव, रतिया उरांव, पंचू उरांव, आयता उरांव, सुशील केरकेट्टा, लधुवा उरांव, जेंगा उरांव, अंजन उरांव, सकीम अंसारी, सोबराती अंसारी सहित कांग्रेस, जेएमएम, एसीएस, वामदल, किसान सभा, सरना पड़हा समिति सहित अन्य आदिवासी संगठन के लोग शामिल थे.
सरकार ने आदिवासियों का हक मारा है : गीताश्री
पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा की रघुवर सरकार एक्ट में संशोधन कर कॉरपोरेट घराने को लाभ पहुंचना चाहती है. आदिवासियों की जमीन छीन कर पूंजीपतियों को देना चाहती है, जिसे हम बरदाश्त नहीं करेंगे. यह आंदोलन की शुरुआत है. इसके बाद और वृहत आंदोलन होगा. जिग्गा मुंडा ने कहा कि रघुवर सरकार ने आदिवासी मूलवासियों की आत्मा को चोट पहुंचायी है.
आदिवासियों का अधिकार छीनने का काम कर रही है. एक्ट में संशोधन बरदाश्त नहीं करेंगे. इसके लिए सभी दलगत भावना से ऊपर उठ कर एकजुटता का परिचय दें और अपने अधिकार के लिए संघर्ष करें. भाकपा माले के जिला सचिव विजय कुमार सिंह ने कहा कि जनता की अदालत में रघुवर सरकार को जवाब देना होगा. आदिवासी मूलवासी अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए एक मंच पर आकर संघर्ष करें. जिला परिषद की अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने कहा कि सरकार ने आदिवासियों के हक व अधिकार को छीनने का काम किया है. इसका परिणाम आने वाले समय में बुरा होगा. आदिवासियों के हक व अधिकार के लिए मैं लड़ती रहूंगी.
मुख्य बाजार को लगने नहीं दिया
सीएनटी-एसटीपी एक्ट संशोधन के विरोध में किया गया बंद डुमरी प्रखंड में असरदार रहा. बंद समर्थकों ने सुबह से ही डुमरी, बेलटोली, टांगरडीह, रवींद्र नगर व नवाडीह चौक में खुली दुकानों शांतिपूर्ण ढंग से घूम-घूम कर बंद कराया. डुमरी बाजार में खरीद-बिक्री करने आये ग्रामीण भी परेशान रहे.
बंद समर्थकों ने बाजार को नहीं लगने दिया. वाहन नहीं चले. पुलिस प्रशासन बंद समर्थकों से निबटने के लिए चौक-चौराहों पर मुस्तैद नजर आयी. बंद समर्थक में विनोद कुजूर, सुरेंद्र उरांव, अख्तर अली, सचिन एक्का, दीपक तिर्की, जॉर्ज टोप्पो, राजू कुजूर, ज्ञान तिर्की, रामकृपा भगत, संतोष तिर्की, कपिल भगत, जहूर खान, सुभाष ठाकुर, एरिक, अनवर, ईश्वर, मंगल, दिलीप, ज्योति व एग्नेस सहित अन्य लोग शामिल थे.

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