गुमला. आदिवासी संगठनों ने रविवार को केंद्रीय सरना स्थल सिरमटोली रांची से रैंप हटाने के मुद्दे को लेकर गुमला विधायक भूषण तिर्की का आवास घेराव व आक्रोश रैली निकाली. आदिवासी युवा विधायक आवास घेरने पहुंचे, तो गुमला पुलिस ढाल बनी और आदिवासी युवाओं को विधायक आवास के अंदर तक जाने से रोका. आक्रोश रैली की शुरुआत पालकोट रोड स्थित कार्तिक उरांव की प्रतिमा को माल्यार्पण कर किया गया. रैली पालकोट रोड, टावर चौक, सिसई रोड होते हुए नदी टोली स्थित विधायक भूषण तिर्की के आवास पर धरना-प्रदर्शन किया गया. युवा नेता नेलशन भगत ने कहा कि आज हम लोग विधायक से मिलने आये हैं. हम विधायक से पूछने आये हैं कि सिरमटोली में जो सरना स्थल उजड़ रहा है. उसको बचाने के लिए आप समर्थन कर रहे हैं या नहीं. कार्तिक बाबा ने 1967 से उसी सिरमटोली सरना स्थल से सरहुल जुलूस की शुरुआत की थी. आज उसी स्थल को उजाड़ने का साजिश की जा रही है. परंतु आदिवासी समाज ऐसा नहीं होने देगा. हमारे राज्य के आदिवासी नेता गूंगा गये हैं. इस कारण सरकार हमलोगों के सरना स्थल को नजर अंदाज कर रही हैं. भाजपा नेता रामअवतार भगत ने कहा कि यहां के नेता आदिवासी वोट से चुनाव जीते हैं. इसलिए हमलोगों का धार्मिक स्थल को बचाने में हमलोगों के साथ थे. 28 आदिवासी विधायक होने के बाद भी उनके द्वारा आदिवासी के हक में कोई आवाज नहीं आ रही है. इसलिए हमलोगों को लग रहा है कि उनको आदिवासी वोट की जरूरत नहीं है. यह ट्रेलर है, कल इससे भी अधिक भीड़ जुटेगी. भाजपा नेता गौरी किंडो ने कहा कि आज विधायक से मिलने आदिवासी भाई बहन आये हैं, पर वे हमलोगों से नहीं मिल रहे है. विधायक हमलोगों की बातों को विस में रखने का काम करें. सुबोध उरांव ने कहा कि यह मामूली स्थल नहीं, बल्कि केंद्रीय सरना स्थल है. हमलोगों के धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जायेगा, तो हम किसी को नहीं छोड़ेंगे. हम सरकार बनाने जानते हैन, गिराने भी जानते है. विकास उरांव ने कहा कि हर समाज में धर्म मनुष्य से ऊपर होता है. धर्म व संस्कृति को बचाना हमारा पहला कर्तव्य है. आदिवासी समाज को कमजोर समझने का भूल नहीं करे. इधर, घंटों आदिवासी समाज द्वारा विधायक आवास के बाहर प्रदर्शन किया गया. मौके पर रामचंद उरांव, पुष्पा कुमारी, राकेश बड़ाइक, विश्वनाथ उरांव, राजेश लिंडा, सुमेश्वरी उरांव, अजय टोप्पो, रंजीत उरांव, सोनामनी उरांव आदि मौजूद थे.
भाजपा के एजेंट छात्रों को मोहरा बना रहे हैं : अशोक
आदिवासी नेता अशोक कुमार भगत ने कहा है कि भाजपा एक साजिश के तहत कॉलेज के छात्र-छात्राओं को आंदोलन में ढकेल रही है. दूर-दराज गांव से छात्र गुमला के छात्रावासों में आकर पढ़ाई करते हैं. परंतु भाजपा के कुछ एजेंट इन छात्रों को रैली में शामिल कर लिया. जबकि रांची रैंप के मुद्दे को लेकर पूर्व में हमलोगों ने 18 अप्रैल को आंदोलन करने की रणनीति बनायी थी. पर एक साजिश के तहत इस आंदोलन में छात्रों को शामिल करना आदिवासी लड़ाई न होकर राजनीति आंदोलन शुरू हो गया है और इसके पीछे भाजपा राजनीति कर रही है.
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