आदिवासी प्रकृति पूजक व संरक्षक : भोला

कोटेंगसेरा गांव में सरहुल पूजा महोत्सव आयोजित

By Prabhat Khabar News Desk | April 5, 2025 9:39 PM

गुमला. प्रखंड के कोटेंगसेरा गांव में सरना अस्तित्व रक्षा मंच कोटेंगसेरा के तत्वावधान में सरहुल पूजा महोत्सव हुआ. सरना स्थल पर कृष्णा पाहन, प्रभु पाहन व मुनगी देवी ने संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना कर गांव व क्षेत्र की सुख-शांति, वर्षा, पानी, धन्य-धान्य की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की. इसके बाद कोटेंगसेरा सरना से सरहुल जुलूस निकाला गया. जुलूस रघुनाथपुर अखड़ा से ब्रह्मपुर से शहीद बाजारडांड़, करंजटोली अखड़ा, कोटेंगसेरा अखड़ा से विभिन्न मार्ग होते कोटेंगसेरा डांग बगीचा में जुलूस सभा के रूप में तब्दील हो गयी. इसमें गुमला, बसिया, पालकोट, सिसई प्रखंड से आये आदिवासी खोड़ा दलों द्वारा प्रदर्शन किया गया. मुख्य अतिथि पूर्व सांसद प्रतिनिधि भोला चौधरी ने कहा कि आदिवासी शुरू से प्रकृति के पूजक व संरक्षक रहे हैं. हमारे पूर्वज जल, जंगल व जमीन की रक्षा करते आये हैं. सरहुल आदिवासियों की पहचान अस्मिता व आस्था का प्राचीन प्रतीक है. फकीरचंद भगत ने कहा कि हम आदिवासी प्रकृति उपासक सरना धर्मावलंबी जो प्रकृति के अभिन्न अंग है. विमल चंद्र बड़ाइक ने कहा कि छोटानागपुर के आदिवासियों की मान्यता है कि सूर्य सर्वशक्तिमान देवता है और धरती सर्वशक्तिमान देवी है. इन्ही दोनों के मिलन से सृष्टि कायम हुई है. इस काल में धरती का विवाह सूर्य से हुआ था. मौके पर कृष्णा पाहन, प्रभु पाहन, तुला उरांव, राजपति बड़ाइक, झरी भगत, रोपना राम बड़ाइक, कृष्णा पाहन, वीरेंद्र एक्का, नाठू उरांव, राम उरांव, रमेश तिर्की, अजीत टोप्पो, वीरेंद्र एक्का, अनिश उरांव, तुला उरांव, प्रेमचंद भगत, मंगलेश्वर खड़िया, राजेंद्र टाना भगत, विनोद तिर्की, सतीश उरांव, मुनसाय उरांव, विमलचंद बड़ाइक, मंगल महली, आरती देवी, बिरस देवी, रंजन उरांव, राम टोप्पो, सिद्धार्थ उरांव, बहुरा उरांव, विष्णु तिर्की, एतो उरांव, नाठू उरांव, रमेश उरांव, सुनीता उरांव, सोमा खड़िया, सुनील खड़िया, शनिचर बिलुंग, सुनील खड़िया, शनिचर बिलुंग, सुनीता देवी, सुगनती उरांव, सुखराम उरांव, घूरन उरांव, सनत कुमार भगत मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है