माटी के प्रति प्रतिबद्धता की जरूरत : शंकराचार्य

हजारीबाग : पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज दो दिन हजारीबाग में रहने के बाद मंगलवार को आगरा के लिए प्रस्थान किया. शहर के पीटीसी मैदान में जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत की.कश्मीर के हालात पर शंकराचार्य ने कहा कि कश्मीर की वर्तमान समस्या का समाधान सदभावपूर्ण तरीके से करना होगा. निष्पक्षता एवं न्याय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 21, 2018 5:15 AM
हजारीबाग : पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज दो दिन हजारीबाग में रहने के बाद मंगलवार को आगरा के लिए प्रस्थान किया. शहर के पीटीसी मैदान में जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत की.कश्मीर के हालात पर शंकराचार्य ने कहा कि कश्मीर की वर्तमान समस्या का समाधान सदभावपूर्ण तरीके से करना होगा. निष्पक्षता एवं न्याय के रास्ते पर चल कर भारत कश्मीर की समस्या का समाधान कर सकता है. नेताओं की सत्ता लोलुपता के कारण देश का विभाजन हुआ. अदूरदृष्टि के कारण राष्ट्र की सुरक्षा शक्ति को धूमिल किया.
अंग्रेजों ने योजनाबद्ध ढंग से पाकिस्तान को बनवा कर उसका पोषण किया. प्रथम प्रधानमंत्री से लेकर अब तक के प्रधानमंत्री ने इसकी हमेशा उपेक्षा की. जिस प्रकार से अपनी माटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की जरूरत थी, किसी ने नहीं दिखायी. 1846 के बाद अंग्रेजों ने अफगानिस्तान, कंधार, वर्मा एवं श्रीलंका को अलग किया. उसके बाद उन्होंने पाकिस्तान बनाया.
शंकराचार्य ने देश के हालात पर कहा कि वैदिक सनातन सिद्धांतों के आधार पर विकास को परिभाषित किया जाना चाहिए. इसके बिना भारत के अस्तित्व की रक्षा नहीं की जा सकती. इस पर मंथन की आवश्यकता है. स्वतंत्रता के प्रायोजन को क्रियान्वयन करने की आवश्यकता है. शंकराचार्य के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा भी साथ में गये. वहीं भाजपा विधायक मनीष जायसवाल समेत सभी वरिष्ठ नेता हवाई अड्डा पर उपस्थित थे.