हजारीबाग : झारखंड सरकार में पिछले चार सालों में भ्रष्टाचार बढ़ा है. सीएजी की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है. गरीबों को बांटे जानेवाले कंबल आपूर्ति घोटाले की जांच से सरकार कतरा रही है. उपरोक्त बातें कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन ने हजारीबाग कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता में कही.
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 2016 में श्रम नियोजन विभाग में 9.82 लाख कंबल की आपूर्ति का आदेश था. कंबल स्थानीय बुनकरों को खरीदना था. झारक्राफ्ट के अधिकारियों की मिलीभगत से निविदा में उल्लेखित शर्तों का उल्लंघन कर खराब कंबल की आपूर्ति की गयी.
श्रम विभाग से आदेश प्राप्त के बाद बुनकरों से कंबल निर्माण के लिए धागा एवं हस्तकरघा मुहैया करवाने की योजना भी फाइलों तक सीमित रही. पानीपत की दो कंपनी एनएन उलेन मिल्स एवं उन्नति इंटरनेशनल से 15.54 करोड़ रुपये की धागा खरीद 27 कलस्टरों पर आपूर्ति का उल्लेख है, लेकिन दस्तावेज फाइलों में उपलब्ध नहीं है.
कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि सीएजी ने यह भी खुलासा किया है कि मवेशियों के समग्र स्वास्थ्य और दूध की उत्पादकता बढ़ाने के लिए तकनीकी इनपुट कार्यक्रम शुरू किया गया है. इसके तहत मिनरल मिक्सर दवा एवं अन्य पोषाहार का वितरण रियायती दर पर करना था. गव्य विकास निदेशालय ने इसकी खरीद एवं वितरण प्रक्रिया को संचालित किया.
वर्ष 2012 से 2017 तक की अवधि में 63 करोड़ रुपये खर्च किये गये. निदेशालय के पास सिर्फ 2016-17 का ही हिसाब व सबूत उपलब्ध है. वर्ष 2012 से 2016 तक किये गये 43 करोड़ खर्च का कोई हिसाब नहीं है. 312 करोड़ खर्च कर खरीदे गये दुधारू पशुओं का कोई अता-पता नहीं है.
सीएजी के रिपोर्ट में बताया गया है कि कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के पास यह आंकड़ा ही नहीं उपलब्ध है कि रियायती दर पर कितनी गायें बांटी गयी. इस पर कितनी सब्सिडी दी गयी. पत्रकार सम्मेलन में महालेखाकार की रिपोर्ट की लिखित जानकारी व आंकड़ा मीडिया को विज्ञप्ति के माध्यम से उपलब्ध करायी गयी.
पत्रकार सम्मेलन में जिलाध्यक्ष देवकुमार राज, अजय गुप्ता, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शैलेंद्र यादव, नगर अध्यक्ष मनोज भगत, दिनेश सिंह राठौर, साजिद हुसैन, प्रदीप प्रसाद, आरएन मंडल समेत कई कांग्रेसी उपस्थित थे.
