26हैज2 में- शुभ विवाहहजारीबाग. देवउठनी एकादशी तीन नवंबर पर इस बार विवाह नहीं होंगे इसकी वजह दो अक्तूबर को शुक्रग्रह का अस्त होना है. इसके बाद पूरे नवंबर माह में कोई विवाह नहीं होगा. दिसंबर माह में केवल छह विवाह मुहूर्त होंगे. इसके बाद खरमास शुरू होने पर विवाह अगले वर्ष 2015 में मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से प्रारंभ होंगे. हालांकि एकादशी पर तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह होगा,लेकिन शादियों की शुरुआत नहीं होगी. विभिन्न मत-मतांतर के चलते इस दिन भी लोग विशेष उपाय के साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे.एक दिसंबर से शुभ मुहूर्तपंडित उमाशंकर शर्मा के अनुसार देवउठनी ग्यारह के साथ ही वैवाहिक आयोजन शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार दो अक्तूबर को अस्त हुए शुक्रग्रह का उदय 23 नवंबर को होगा. इसके चलते विवाह का शुभ मुहूर्त एक दिसंबर से है. इस वर्ष अंतिम विवाह का मुहूर्त 12 दिसंबर को है. इसके बाद सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के चलते 15 जनवरी 2015 तक विवाह निषेध रहेंगे. 12 जून 2015 तक विवाह के मुहूर्त हैं. 17 जून से 16 जुलाई तक आषाढ़ मास और 27 जुलाई से 22 नवंबर 2015 तक चार्तुमास होने से इस दौरान विवाह नहीं होगा.विवाह के मुहूर्त पर एक नजरदिसंबर- 1,2,3,6,7 और 12.2015 में विवाह की तारीखेंजनवरी – 16,17,18,20,24,25,26,29,30,31.फरवरी- 4,5,6,7,8,10,11,12,14,15,16,20,21,22,25,26,27.मार्च- 4,6,7,8,9,10,11,12,13.अप्रैल-16,21,22,23,27,28,29,30.मई- 1,2,3,4,5,6,7,9,10,14,15,18,19,20,25,27,28,29,30,31.जून- 1,2,3,4,6,10,11,12.नवंबर- 22,23,26,27.दिसंबर- 2से 8,12, 13ये काम नहीं होते शुक्र तारा अस्त होने पर : शुक्र का तारा अस्त होने पर वैवाहिक कार्य, मंदिरों की प्राण-प्रतिष्ठा, नये निर्माण कार्य, पहली बार तीर्थ यात्रा, कुएं, तालाब की खुदाई, मुंडन संस्कार, व्रत का प्रारंभ और उद्यापन, नामकरण, यज्ञ कार्य नहीं किये जाते हंै.
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एकादशी पर कोई विवाह नहीं, दिसंबर में होंगे छह मुहूर्त
26हैज2 में- शुभ विवाहहजारीबाग. देवउठनी एकादशी तीन नवंबर पर इस बार विवाह नहीं होंगे इसकी वजह दो अक्तूबर को शुक्रग्रह का अस्त होना है. इसके बाद पूरे नवंबर माह में कोई विवाह नहीं होगा. दिसंबर माह में केवल छह विवाह मुहूर्त होंगे. इसके बाद खरमास शुरू होने पर विवाह अगले वर्ष 2015 में मकर संक्रांति […]
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Prabhat Khabar Digital Desk
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