आपराधिक घटनाओं के कारण चर्चित रहा वर्ष 2014

इचाक : इचाक वासियों के लिए वर्ष 2014 कुछ खास फलदायक नहीं रहा. उग्रवादी,अपराधी समेत अन्य छोटी-बड़ी घटनाओं को लेकर पूरे वर्ष उथल-पुथल में बीता. वर्ष 2014 का आगाज ही शुभ नहीं रहा.... एक जनवरी को ही पिकनिक मनाने सेवाने नदी गये बोंगा गांव के युवकों के साथ कटकमसांडी प्रखंड पबरा गांव के युवक उलझ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 16, 2014 2:47 PM

इचाक : इचाक वासियों के लिए वर्ष 2014 कुछ खास फलदायक नहीं रहा. उग्रवादी,अपराधी समेत अन्य छोटी-बड़ी घटनाओं को लेकर पूरे वर्ष उथल-पुथल में बीता. वर्ष 2014 का आगाज ही शुभ नहीं रहा.

एक जनवरी को ही पिकनिक मनाने सेवाने नदी गये बोंगा गांव के युवकों के साथ कटकमसांडी प्रखंड पबरा गांव के युवक उलझ गये. मामूली विवाद खूनी संघर्ष का रूप ले लिया. इस घटना में बोंगा पंचायत के मुखिया भागवत मेहता,पंसस उमेश कुमार समेत आठ व्यक्ति घायल हो गये. दर्जनों लोगों को मामूली चोट आयी. मुखिया का हाथ टूटा व माथा फटा. गंभीर अवस्था में रिम्स रांची में इलाज कराया गया. उसी रात जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों ने उपद्रव मचाया.

हाउस का दरवाजा-खिड़की तोड़ दिया. पुलिस की पहल के बाद मामला शांत हुआ. छह जनवरी को पेठिया बागी निवासी अजीत राम की मौत इलाज के अभाव में हो गयी. पीएससी में चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहने के विरोध में इचाक रोड को जाम किया गया. 10 जनवरी को सड़क दुर्घटना में बरियठ गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद मेहता उर्फ राजू (40) की मौत डाक पार्सल गाड़ी की चपेट में आने से हो गयी. घटना के विरोध में एनएच-33 तीन घंटे जाम रहा. अक्तूबर में उग्रवादियों तथा आपराधियों ने बड़ी घटना को अंजाम देकर पूरे वर्ष को सुर्खियों में ला दिया. 19 अक्तूबर को चंपानगर नवाडीह पंचायत के नारायण टोंगरी चकरखवा जंगल में टीएसपीसी तथा जेपीसी उग्रवादी संगठनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई को लेकर मुठभेड़ हुई.

जिसमें जेपीसी के दो उग्रवादी मुकेश गंझू (घाटो) तथा अशोक मेहता (ग्राम चंपाडीह पदमा) की हत्या कर दी गयी. 27 अक्तूबर के सुबह की घटना इचाकवासियों को झकझोर दिया. वहीं पुलिस प्रशासन के लिए अपराधियों ने खुली चुनौती दे दी. नवोदय विद्यालय बोंगा के पीछे बैर खाने व खेलने के लिए गये बोंगा गांव के दो स्कूली बच्चों का अपराधियों ने लेवी के लिए अगवा कर लिया. हालांकि पुलिस की सक्रियता के कारण दोनों बच्चे अपराधियों के चंगुल से मुक्त करा लिये गये.

लोटवा गांव के 93 गरीबों के बीच 13 जनवरी को पीएसपीसी उग्रवादी संगठन के सदस्य कंबल बांट कर गरीबों के मसीहा बने. वर्ष के शुरू से जून तक अपराधियों ने चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया. किराना दुकान,टीवी दुकान व इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में चोरी कर दुकानदारों की नींद उड़ा दी. चोरों को पकड़ने में इचाक पुलिस नाकाम रही.

वर्ष 2014 में 308 मामले दर्ज हुए : 13 दिसंबर तक इचाक थाना में कुल 308 मामले दर्ज किये गये. इसमें डकैती के चार,चोरी 12,दहेज अधिनियम 15,महिला उत्पीड़न पांच, वाहन दुर्घटना छह, दंगा चार,अपहरण चार, डायन-भूत 13, वाहन चोरी सात, हत्या चार,बलात्कार नौ, ठगी चार, उग्रवादी घटना एक, दहेज हत्या एक समेत अन्य मामले दर्ज किये गये.