एनटीपीसी ने डीसी-एसपी से सांठगांठ कर कराया जिला बदर : योगेंद्र

हजारीबाग : पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव और विधायक निर्मला देवी ने कहा है कि एनटीपीसी प्रबंधन डीसी एवं एसपी से मिला हुआ है. इसी मिलीभगत के कारण डीसी ने उन्हें जिला बदर का नोटिस जारी किया है. नोटिस में कहा गया है कि झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम 2002 की धारा तीन के तहत योगेंद्र […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 3, 2016 7:41 AM
हजारीबाग : पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव और विधायक निर्मला देवी ने कहा है कि एनटीपीसी प्रबंधन डीसी एवं एसपी से मिला हुआ है. इसी मिलीभगत के कारण डीसी ने उन्हें जिला बदर का नोटिस जारी किया है. नोटिस में कहा गया है कि झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम 2002 की धारा तीन के तहत योगेंद्र साव को हजारीबाग जिला से निष्कासित करने का आदेश दिया गया है. दोनों ने उक्त बातें प्रेस कांफ्रेंस में कही.
श्री साव ने बताया कि एनटीपीसी डीसी और एसपी से मिलकर बड़कागांव क्षेत्र में तानाशाही रवैया अपना रही है. जिला बदर को नोटिस के बाद मैं हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा. इसके पूर्व आयुक्त से अपील की जायेगी. डीसी और एसपी के विरुद्ध भी पीआइएल करने की बात उन्होंने कही. पूर्व मंत्री ने कहा कि डीसी-एसपी ने उन्हें सीसीए एक्ट का आरोपी बनाया था.
न्यायालय ने सीसीए एक्ट को रद्द कर दिया. उसके बाद दोबारा जिला बदर करने का आदेश हुआ है. इस मामले को आयुक्त के सामने रखूंगा, उसके बाद न्यायालय जाऊंगा. योगेंद्र साव ने मुख्यमंत्री से मिल कर भी शिकायत करने की बात कही. विधायक निर्मला देवी ने कहा कि उनके पति पर साजिश के तहत डीसी व एसपी ने सीसीए एक्ट लगाया था. एनटीपीसी पुलिस प्रशासन के साथ मिल कर बर्बरता पर उतर आयी है. महिलाओं को भी पीटा जा रहा है.
नौ मई 2016 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी कार्यालय से केरेडारी एवं बडकागांव थाना क्षेत्र में प्रवेश निषेध का भी आदेश जारी किया गया. इस आदेश को लेकर पूर्व मंत्री ने कहा कि हमारी लोकप्रियता से सरकार व पुलिस प्रशासन ने साजिश रचकर ऐसी कार्रवाई की है. श्री साव ने कहा कि जिला बदर की कार्रवाई किसी आरोपी पर तब होती है, जब पूरे जिले भर में उसके विरुद्ध हत्या, बलात्कार, लूट, मारपीट जैसे मामले दर्ज रहते हैं. मेरे विरुद्ध तो पुलिस प्रशासन ने बडकागांव-केरेडारी में मामला दर्ज कर फंसाया. ऐसे में जिला बदर का आदेश जारी करना हास्यास्पद है.