हजारीबाग : बरही में रियाडा की ओर से अधिग्रहित भूमि को किसानों को वापस करने की मांग को लेकर गुरुवार को भूमि बचाओ संघर्ष समिति की ओर से एक दिवसीय धरना उपायुक्त हजारीबाग कार्यालय के समक्ष दिया गया. धरना की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष विनोद विश्वकर्मा ने की, जबकि संचालन सचिव रंजीत कुमार ने किया. धरना के बाद राज्यपाल के नाम मांग पत्र उपायुक्त सौंपा गया.
भूमि बचाओ संघर्ष समित के विनोद विश्वकर्मा ने कहा है कि सरकार द्वारा कोनरा पंचायत में 700 एकड़ भूमि अधिग्रहित किये 24 साल बीत गये हैं, लेकिन अब तक एक भी उद्योग नहीं लगा, जबकि भूमि अधिग्रहण का उद्देश्य बड़े उद्योग धंधों को लगाना था. किसानों ने इसी कारण अपनी खेतिहर भूमि रियाडा को दी थी. उन्होंने अब उक्त भूमि को किसानों को सौंपने की मांग की है.
राजद प्रदेश अध्यक्ष गौतमसागर राणा ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013-14 के तहत अधिग्रहित भूमि को भू-रैयतों को तुरंत वापस किया जाये. जेवीएम के किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शिवलाल महतो ने भू-रैयतों पर बरही थाना में जो मुकदमा दर्ज किया गया है, उसे वापस लेने की मांग की. जदयू नेता बटेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि सरकार और प्रशासन किसानों की मांगों पर पहल नहीं करते हैं, तो संघर्ष समिति जेल भरो आंदोलन शुरू करेगा.
धरना में मो शेराज अली, कृष्णा मेहता, निसार अहमद, गणेश कुमार सीटू, गुलजार अंसारी, शंकर केसरी, मो अनीस, इनायत करीम, जब्बार, कमाल अंसारी, संतोष साव, संजय साव, प्रसादी साव, नईम, कलीम, केदार रविदास, मुख्तार, आरिफ,अशोक यादव, महरू साव, आजाद राय, मनउव्वर हुसैन व आबिद समेत काफी संख्या में भू-रैयत शामिल थे.