नहीं मिली जमीन, 260 करोड़ की योजना फाइलों में हुई बंद
हजारीबाग : झारखंड विद्युत ऊर्जा निगम के पास अपना ट्रांसमिशन लाइन नहीं है. इस कारण डीवीसी कमांड एरिया में बार-बार बिजली का संकट उत्पन्न हो रहा है. झारखंड विद्युत ऊर्जा निगम बने कई वर्ष बीत गये. निगम ने डीवीसी कमांड एरिया में ट्रांसमिशन पर आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाएं बनायी, लेकिन वर्तमान में योजना अधर […]
हजारीबाग : झारखंड विद्युत ऊर्जा निगम के पास अपना ट्रांसमिशन लाइन नहीं है. इस कारण डीवीसी कमांड एरिया में बार-बार बिजली का संकट उत्पन्न हो रहा है. झारखंड विद्युत ऊर्जा निगम बने कई वर्ष बीत गये. निगम ने डीवीसी कमांड एरिया में ट्रांसमिशन पर आत्मनिर्भरता के लिए कई योजनाएं बनायी, लेकिन वर्तमान में योजना अधर में लटकी है.
इन योजनाओं को धरातल पर लाने से डीवीसी पर बिजली की निर्भरता कम होती. वहीं लोगों को अनावश्यक रूप से सुबह-शाम लोड शेडिंग की समस्या का रोना नहीं रोना पड़ता.
50 ट्रांसमिशन ग्रिड बनाने का लक्ष्य: झारखंड विद्युत ट्रांसमिशन निगम उपभोक्ताओं के लिए बिजली वितरण का बड़ा नेटवर्क स्थापित करना चाहता है. ऐसे में डीवीसी के कमांड एरिया में करीब 50 ग्रिड लगाने की योजना बनी है. जिन जिलों में ग्रिड लगाने की योजना है, उनमें हजारीबाग, चतरा, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो व धनबाद जिला शामिल है. इसमें 220 की संख्या में 133-33 केबीए और 132-33 केबीए ग्रिड का निर्माण करना है. इसके लिए संबंधित जिले के उपायुक्त से जमीन की मांग की गयी है. ग्रिड बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है. हजारीबाग जिले में ग्रिड निर्माण के लिए 260 करोड़ रु की योजना फाइलों में बंद है.
फॉरेस्ट विभाग से एनओसी नहीं, जमीन अधिग्रहण में अड़चन
ग्रिड बनाने के लिए चतरा के डाढा, कोडरमा के कारकुट व गिरिडीह के सरिया में ही अब तक जमीन उपलब्ध हो पायी है, जबकि बाकी जिलों में जमीन उपलब्ध नहीं हो पायी है. इसके अलावा फॉरेस्ट विभाग की ओर से भी एनओसी प्राप्त नहीं हुआ है. इस कारण जमीन उपलब्ध होने के बाद भी ग्रिड बनाने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है. हजारीबाग के हुपाद में जंगल की जमीन मिली है. वन विभाग की ओर से एनओसी मिलने के बाद ही इस पर ग्रिड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. बरही में सीओ ने जीएम लैंड नहीं होने की बात कही. वहीं विष्णुगढ़ के नवाडीह व बरकट्ठा के शीलाडीह में जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है. बड़कागांव, रामगढ़, गोला सहित कई प्रखंडों में जमीन को लेकर कोई चर्चा नहीं है. वहीं हजारीबाग, चतरा, रामगढ़, कोडरमा एवं गिरिडीह में ट्रांसमिशन के लिए करीब 150 एकड़ जमीन की जरूरत है.
कहां-कहां बनना है ग्रिड
हजारीबाग जिले में डेमोटांड़ व बरकट्ठा में 220-132-33 केबीए ग्रिड का निर्माण होना है. इसमें 150 एमवीए का दो ट्रांसफारमर और 50 एमवीए का दो ट्रांसफारमर लगेगा. बरही, बड़कागांव, विष्णुगढ़ में 132-33 केबीए ग्रिड का निर्माण होना है. इसमें 50 एमवीए के दो ट्रांसफारमर लगेंगे. इसी तरह चतरा, रामगढ़, गोला व सरिया में 132-33 केबीए का ग्रिड बनेगा.
