हजारीबाग : आइसेक्ट विश्वविद्यालय के महानिदेशक संतोष चौबे 24 अप्रैल को हजारीबाग आयेंगे. उन्होंने बात करते हुए बताया कि आइसेक्ट विश्वविद्यालय का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपना नाम दर्ज कराना है. आइसेक्ट विवि ने शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनायी है. राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की है. भारत वर्ष में सर्वश्रेष्ठ विवि में आइसेक्ट विवि का नाम आता है. झारखंड के हजारीबाग में यह विवि खुलने से पूरे झारखंड के विद्यार्थी यहां आकर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं. विद्यार्थियों के लिए कई सुविधाएं यहां मुहैया करायी जा रही है.
परिचय: संतोष चौबे वर्तमान में आइसेक्ट के महानिदेशक हैं. वह मौलाना आजाद कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स में बीइ करने के बाद 1976 में भारतीय इंजीनियरिंग सेवा के लिए व 1981 में भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के लिए चयनित हो चुके हैं. उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा इंडियन इनोवेशन अवार्ड और नेसकॉम आइटी इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. इसके अलावा श्री चौबे को कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड से भी नवाजा गया है.
विज्ञान व तकनीकी क्षेत्र में पिछले 35 वर्षों के दौरान उन्होंने निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के अनेक संस्थानों में काम किया. वर्ष 1985 से वे आइसेक्ट के संस्थापक सचिव के रूप में काम करते रहे हैं. पूरे देश में सूचना प्रौद्योगिकी के शिक्षण एवं प्रशिक्षण में संतोष चौबे का महत्वपूर्ण स्थान है. श्री चौबे मध्य प्रदेश एवं भारत सरकार प्रतिनिधि मंडलों के सदस्य रहे हैं. देश विदेश में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
