जमशेदपुर: टाटा मोटर्स से निष्कासित कर्मचारी पुत्र कंपनी में नियोजन की मांग को लेकर मंगलवार को कंपनी गेट के आगे अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गये. सुबह 10 बजे आमरण अनशन पर तीन महिलाएं उपेंद्रजीत कौर, कुलविंदर और प्रिया गुप्ता बैठीं.
नियोजन की मांग को लेकर आंदोलनरत अवतार सिंह ने कहा कि निष्कासित कर्मचारी पुत्र पिछले पांच साल से नियोजन की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं. संघ के नेताओं ने कहा कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे आत्मदाह को विवश होंगे. भाजपा नेता डीडी त्रिपाठी व आम आदमी पार्टी नेता दिनेश महतो ने आमरण स्थल जाकर कर्मचारी पुत्रों को अपना समर्थन दिया. इस मौके पर संजय, महेंद्र पाल, ऋषि, शिव कुमार, जगन्नाथ, असीम महतो, इंदू नायडू, हरजीत कौर, संध्या दास सहित निष्कासित कर्मचारी पुत्र के परिजन काफी संख्या में मौजूद थे.
फरजी प्रमाण पत्र मामले में कंपनी से निष्कासित कर्मचारी पुत्रों का कहना है कि वे पिता की नौकरी पर कंपनी में नन मैट्रिक रजिस्ट्रेशन बहाल हुए थे. तीन साल टीएमएसटी में कार्य किया. 5 से 12 वर्षों तक उत्पादन का काम करने के बाद स्थायी होने के समय प्रमाण पत्रों की जांच कर 460 आश्रित पुत्रों को निलंबित कर दिया. जबकि 9 कर्मी पुत्रों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया.
कॉरपोरेट कंपनी होने के नाते टाटा मोटर्स अन्य कंपनियों की तरह नियोजन से पहले कर्मचारियों (स्थायी व अस्थायी दोनो) के प्रमाण पत्रों की जांच करता है. गलत या नकली दस्तावेज पर नियोजन को पांच वर्ष पूर्व ही समाप्त कर दिया गया था. अब कर्मचारी पुत्रों द्वारा रोजगार की मांग पूरी तरह से अवैध है.
-प्रवक्ता, कंपनी प्रबंधन, मुंबई

