जमशेदपुर : टिनप्लेट, तार कंपनी, जेम्को, टीआरएफ समेत कई कंपनियों का भी समायोजन या घाटे में चल रहे प्लांट को बंद करने का फैसला भी लिया जा सकता है. ऐसा टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन द्वारा एक अखबार को दिये इंटरव्यू के बाद कयास लगाये जा रहे हैं. दरअसल, उपरोक्त कंपनियां भी घाटे में चल रही हैं. टाटा स्टील के एमडी ने बताया कि टायो रोल्स को बंद करने जैसे फैसले लिये जा चुके हैं.
इस कारण या तो उसका समायोजन या फिर बंद करने पर फैसला लिया जा सकता है. एमडी के इस बयान के बाद घाटे में चल रही चार कंपनियों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. पांच साल से घाटे में टिनप्लेट कंपनी : टिनप्लेट कंपनी पिछले पांच साल से ज्यादा समय से घाटे में चल रही है. कुछ प्लांट बंद करने के बावजूद घाटा कम नहीं हुआ है. यहां मैनपावर कम करने के लिए इआरओ लाया गया है.
टीआरएफ बायफर में, टाटा स्टील लगा चुकी है बोली : टाटा स्टील की एक और कंपनी टाटा रोबिन फ्रेजर घाटे में चल रही है. कंपनी का अस्तित्व बचाने के लिए इसे बायफर में भेज दिया गया था. इस बीच सरकार ने बायफर को बंद कर नया बॉडी नीलिट बना दिया है, वहां हियरिंग चल रही है. टाटा स्टील ने इस कंपनी को समायोजित करने के लिए यह कदम उठाया है और अपनी बोली लगा दी है.
तार कंपनी व जेम्को घाटे में नो प्रोफिट की स्थिति : तार कंपनी व जेम्को का अधिग्रहण टाटा स्टील ने पहले किया था. अधिग्रहण के बाद घाटा कम नहीं हुआ है. जेम्को कंपनी काफी घाटे में चल रही है.
