8 साल से सरकार ने नहीं दिया एक रुपया
जमशेदपुर: झारखंड में चिकित्सा सेवा भगवान भरोसे है. ग्रामीणों को इलाज में सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेजों में एमएस, एमडी के साथ-साथ पारा मेडिकल कोर्स शुरू किये गये. जून 2006 से राज्य के एमजीएम मेडिकल कॉलेज, धनबाद के पीएमसीएच और रांची के रिम्स में पारा मेडिकल की पढ़ाई शुरू हुई. लेकिन अब तक कोर्स के […]
जमशेदपुर: झारखंड में चिकित्सा सेवा भगवान भरोसे है. ग्रामीणों को इलाज में सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेजों में एमएस, एमडी के साथ-साथ पारा मेडिकल कोर्स शुरू किये गये. जून 2006 से राज्य के एमजीएम मेडिकल कॉलेज, धनबाद के पीएमसीएच और रांची के रिम्स में पारा मेडिकल की पढ़ाई शुरू हुई. लेकिन अब तक कोर्स के संचालन के लिए राज्य सरकार ने एक रुपये का भी फंड जारी नहीं किया है.
आठ साल में राज्य के मेडिकल कॉलेजों से लगभग 2200 पारा मेडिकल के छात्र उत्तीर्ण हुए हैं. लेकिन उनके विकास के लिए अलग से न कोई फंड और ना ही प्लेसमेंट के लिए कोई प्रयास किया गया है. हालत यह है कि पारा मेडिकल का कोर्स कर छात्र-छात्रएं बेरोजगार हैं. अब तक तीनों कॉलेज में छात्र-छात्रओं की ओर से ली गयी फीस से कोर्स का संचालन किया जा रहा है. दो साल के कोर्स के लिए कुल 8520 रुपये लिये जा रहे हैं. इसके अलावा दाखिले के वक्त कॉशन मनी ली जाती है, लेकिन कोर्स खत्म करने के बाद उसे वापस कर दिया जाता है. इस बात का खुलासा पारा मेडिकल छात्रों की ओर से दायर किये गये एक आरटीआइ के जरिये हुआ है. क्या है पारा मेडिकल का कोर्स. पारा मेडिकल का कोर्स 2 साल का कोर्स है. एक साल कॉलेज में थ्योरी क्लास करवायी जाती है. जबकि दूसरे साल में वे सीनियर डॉक्टरों के संगत में रह कर काम सीखते हैं.प्रैक्टिकल के दौरान अस्पताल में काम करने पर उन्हें किसी तरह का कोई मानदेय नहीं मिलता है. कोर्स को झारखंड पारा मेडिकल काउंसिल से मान्यता मिली हुई है.
अगले महीने दायर करेंगे जनहित याचिका : अजय पाल. एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पारा मेडिकल के छात्रों के हक के लिए लड़ाई लड़ रहे अजय कुमार पाल ने प्रभात खबर से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार के पास कई बार अपने भविष्य को बचाने के लिए आवेदन किया गया. भूख हड़ताल की, लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ा. इस वजह से अब कानूनी लड़ाई लड़ी जायेगी. अगले महीने पारा मेडिकल छात्र सरकार के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर करेंगे.
हम अपना 100 फीसदी देने का प्रयास कर रहे हैं : प्रिंसिपल. पारा मेडिकल कोर्स को लेकर राज्य सरकार की ओर से अब तक एक रुपये नहीं मिलने के मामले पर एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एएन मिश्र ने कहा कि पारा मेडिकल के फंड का मामला राज्य सरकार के स्तर का है. मुङो यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उपलब्ध संसाधन में ही उन्हें बेहतर शिक्षा दी जाये, इसका हम 100 फीसदी पालन कर रहे हैं. पारा मेडिकल के छात्रों को बेहतर शिक्षा दी जा रही है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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