चाईबासा. धर्म स्वातंत्र्य बिल को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री रघुवर दास ने स्पष्टीकरण देते हुए बुधवार को कहा कि बिल पूरी तरह संविधान के दायरे में है. चाईबासा के माधव सभागार में विद्या विकास समिति की ओर से आयोजित प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन में सीएम ने कहा : धर्मांतरण विधेयक संविधान के अनुसार लाया गया है.
सबको संविधान के दायरे में रहना होगा या देश छोड़कर जाना होगा. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि झारखंड में गरीबी का फायदा उठाकर धर्मांतरण का धंधा अब नहीं चलेगा तथा लालच देकर धर्मांतरण कराने वाली शक्तियों से सरकार अब सख्ती से निबटेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि लालच देकर धर्मांतरण कराने वाले की 181 पर फोन कर सूचना दें, सरकार इस पर तत्काल ध्यान देगी. बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की समस्याओं के लिए त्रुटिपूर्ण शिक्षा को जिम्मेदार ठहराया.

