इस संबंध में परसुडीह थाना में अपहृत बच्ची की मां सवित्री उरांव के बयान पर जानेगोड़ा की ममता नायक, गुमला के कामडरा के ममता की बहन सुमंती और सुमंती के पति व दिल्ली के दिलीप नायक के खिलाफ धारा 370 ए और 371 के खिलाफ 27 अप्रैल 17 को मामला दर्ज किया गया था.
दो दिन बाद श्यामू उरांव ने ममता को बच्ची वापस करने का दबाव बनाया तो ममता श्यामू को अपनी बहन के घर ले गयी. ममता ने वहां श्यामू को यह जताने का प्रयास किया कि बच्ची बहुत खुश है और उसे कोई तकलीफ नहीं है, लेकिन श्यामू बच्ची को ले जाने की बात करता रहा. इसके बाद भी ममता ने बच्ची नहीं दी. इधर, ममता व उसकी बहन सुमंती बच्ची को गुमला से दिल्ली ले गये. दिल्ली में दिलीप को बच्ची को सौंप कर दोनों वापस चले आये. दिलीप ने बच्ची को आगे एक लड़के को बेच दी. वह लड़का दिल्ली में बच्ची को अपने घर का काम करवाने लगा. बच्ची एक वर्ष तक लड़के के घर में कैद रही और काम करती रही. बच्ची मौका पा कर लड़के के घर से भाग गयी.

