एमजीएम में ‘भगवान’ से डरते हैं मरीज

सुखदेव राम की मौत के बाद अस्पताल में आधे से भी कम हो गयी ऑपरेशन की संख्या... एक से 16 नवंबर के बीच हुए 22 ऑपरेशन, जबकि 17 से 27 नवंबर तक सिर्फ आठ ही मेजर ऑपरेशन जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल के सर्जरी विभाग में ऑपरेशन के बाद मानगो के सुखदेव राम की हुई मौत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 28, 2017 5:04 AM

सुखदेव राम की मौत के बाद अस्पताल में आधे से भी कम हो गयी ऑपरेशन की संख्या

एक से 16 नवंबर के बीच हुए 22 ऑपरेशन, जबकि 17 से 27 नवंबर तक सिर्फ आठ ही मेजर ऑपरेशन
जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल के सर्जरी विभाग में ऑपरेशन के बाद मानगो के सुखदेव राम की हुई मौत के बाद अब वार्ड में भर्ती मरीजोें के दिल में भी डर समा गया है. वे लोग ऑपरेशन कराने से डर रहे हैं. इससे सर्जरी विभाग में ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की संख्या 50 प्रतिशत से भी कम हो गयी है.
सर्जरी विभाग के आंकड़ों के अनुसार सुखदेव की मौत के पहले यानी एक से 16 नवंबर तक कुल 22 मेजर ऑपरेशन हुए, वहीं 17 से 27 नवंबर तक सिर्फ आठ. इस आंकड़े को देखने से पता चलता है कि सर्जरी विभाग में ऑपरेशन कराने आने वाले मरीज एमजीएम में ऑपरेशन नहीं कराना चाहते हैं. अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार घटना के बाद जो मरीज प्राइवेट में ऑपरेशन कराने में सक्षम थे वे अस्पताल से छुट्टी लेकर चले गये और जो मजबूर हैं वही सिर्फ अस्पताल में भर्ती हैं.
एमजीएम में मरीजों की संख्या रही कम. सर्जरी विभाग में हुई घटना के बाद अस्पताल में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में भी कमी आयी है. जहां हर सोमवार को अस्पताल में 900 से 1100 मरीज इलाज कराने के लिए आते थे. वहीं इस साेमवार को सिर्फ 600 से 700 मरीज ही इलाज कराने के लिए पहुंचे. वहीं इस संबंध में प्रभारी अधीक्षक डॉ ललित कुमार ने कहा कि ठंड के समय मरीजों की संख्या में कमी आयी है.
मुझे हर्निया का ऑपरेशन कराना है. डॉक्टरों ने बुधवार को ऑपरेशन के लिए कहा है. सर्जरी विभाग में हुई घटना के बाद ऑपरेशन कराने में बहुत डर लग रहा है, लेकिन मेरे पास इतना पैसा नहीं है कि मैं बाहर जाकर अपना ऑपरेशन करा सकूं. अब भगवान का नाम लेकर ऑपरेशन तो कराना ही है, जो होगा देखा जायेगा.
मदन रविदास, बिरसानगर जोन नंबर-8
मुझे पेशाब में परेशानी है. इसको लेकर सर्जरी विभाग में भर्ती हूं. डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कही है, लेकिन अस्पताल में हुई घटना के बाद ऑपरेशन से डर लग रहा है. पेट में दर्द भी बहुत है. जिसके लिए ऑपरेशन कराना जरूरी है. अब मजबूरी में ऑपरेशन तो कराना ही होगा. अब तो भगवान ही मालिक हैं.
सुबोधन कर्मकार, बांगुड़दा
मरीजों के ऑपरेशन में कोई कमी नहीं आयी है. पहले की ही तरह ऑपरेशन किया जा रहा है. अभी ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की संख्या कम है, जिससे ऑपरेशन कम हो रहा है. प्रतिदिन सर्जरी विभाग में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है. डॉ ललित कुमार, प्रभारी अधीक्षक, एमजीएम