आदित्यपुर : शहर की बहुप्रतीक्षित सीवरेज सिस्टम की योजना में आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र को चार जोन में बांटकर काम किया जा रहा है. सभी 35 वार्ड को बांटा गया है. राज्य सरकार की ओर से झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (जुइडको) की देख-रेख में 225 करोड़ की नये सिरे से सीवरेज सिस्टम की स्थापना की जा रही है.
निर्माण कार्य संवेदक सापुरजी-पालोमजी के माध्यम से करवाया जा रहा है. यह योजना तीन सालों में पूरी होगी. जुइडको के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक आनंद ने बताया कि एक मई से इस योजना में पाइप बिछाने का काम शुरू हो जायेगा. पाइप की कुल लंबाई 134 किलोमीटर होगी. अलग-अलग क्षेत्र के टोपोग्राफी के अनुसार पाइप का आकार-प्रकार होगा. जोन संख्या एक में पाइप की लंबाई 13 किलोमीटर व जोन संख्या 70 किलोमीटर होगी. इस प्रकार अलग-अलग जोन में पाइप की लंबाई में अंतर होगा.
चार में से दो एसटीपी का काम शुरू. सीवरेज सिस्टम योजना में चार सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण होगा. पहले व दूसरे एसटीपी का निर्माण कार्य गम्हरिया व सापड़ा में शुरू किया गया है. तीसरे एसटीपी की स्थापना राधा स्वामी सत्संग आश्रम के पास होगी. इसके लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है. चौथे एसटीपी के लिए जिस स्थल का चुनाव किया गया है. वहां अतिक्रमण है.
अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन से बात चल रही है. सापड़ा में भी अतिक्रमण था और अतिक्रमण हटाने के बाद भी चहारदीवारी निर्माण का काम रोका गया था, लेकिन अब समस्या का समाधान कर लिया गया है.
सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांट से निकले पानी का उपयोग उद्योगों व नगर निगम के तहत वाहनों की धुलायी में होगा. सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट से निकले शोधित जल का उपयोग उद्योगों में व नगर निगम के वाहनों की धुलायी में किया जायेगा. केंद्र सरकार के नियम के अनुसार जल को बिना शोधित किये नदी या तालाब में नहीं गिराना है, साथ ही इसका उपयोग किया जाना है.
