सड़क पर उतरे बंद समर्थक, 137 गिरफ्तार

जमशेदपुर : आदिवासी सेंगेल अभियान और झारखंड दिशोम पार्टी के दो सैकड़ा कार्यकर्ता सोमवार को सड़क पर उतरे. सरना धर्म की मान्यता समेत 10 विभिन्न मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. आदिवासी सेंगेल अभियान व झारखंड दिशोम पार्टी ने झारखंड समेत असम, ओड़िशा, बिहार, बंगाल व अन्य आदिवासी बहुल इलाकों में आंशिक भारत बंद […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 22, 2018 3:47 AM
जमशेदपुर : आदिवासी सेंगेल अभियान और झारखंड दिशोम पार्टी के दो सैकड़ा कार्यकर्ता सोमवार को सड़क पर उतरे. सरना धर्म की मान्यता समेत 10 विभिन्न मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. आदिवासी सेंगेल अभियान व झारखंड दिशोम पार्टी ने झारखंड समेत असम, ओड़िशा, बिहार, बंगाल व अन्य आदिवासी बहुल इलाकों में आंशिक भारत बंद का आह्वान किया था.
समर्थकों ने करनडीह में टाटा-चाईबासा मार्ग पर यातायात को करीब डेढ़ घंटे ठप कर दिया. बंद समर्थकों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बंद समर्थकों को परसुडीह थाना में गिरफ्तार कर ले जाया गया. शाम में सभी को छोड़ दिया गया. जेडीपी व एएसए के सोनाराम सोरेन व विमो मुर्मू ने कहा कि आदिवासी समुदाय सरना धर्म को मानते हैं, लेकिन सरकार जनगणना में अलग कॉलम व कोड नंबर नहीं दे रही है, जो आदिवासी समाज के साथ अन्याय है.
शहर के बाहर ही दिखा बंदी का असर
शहर के अंदर बंदी का कोई खास असर नहीं दिखा. करनडीह छोड़ दूसरे जगह कहीं भी बंद समर्थक बंदी कराने नहीं उतरे. वहीं शहर से बाहर बंदी का व्यापक असर दिखा. टाटा-चाईबासा मुख्य मार्ग में एक भी बसें नहीं चली. वहीं जादूगोड़ा-मुसाबनी रोड में भी सन्नाटा पसरा रहा. एनएच-33 में बंदी का असर कम रहा.
बसों में भी बढ़ी भीड़, कई रूट की बसें रही रद्द
ट्रेनों के अचानक रद्द होने से यात्रियों ने बसों की ओर रुख किया. इससे चांडिल, पुरुलिया, बोकारो, धनबाद मार्ग की बसों में भीड़ बढ़ गयी. बड़ी संख्या में यात्रियों ने खड़ा होकर यात्रा की. बंद का असर चाईबासा, बंगाल और ओड़िशा मार्ग की बसों में दिखा. मानगो पुरुलिया बस स्टैंड से सोमवार को एक भी बस चाईबासा, जोड़ा, बड़बिल मार्ग पर नहीं चली.