जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिमी में एक जैसा काम हो : सरयू

जमशेदपुर : राज्य में सरकारी तंत्र और विभागों की विश्वसनीयता शून्य हो चुकी है, विभाग अगर बेहतर काम करे, तो भी लोगों को भरोसा नहीं होता.यह बातें राज्य के कैबिनेट मंत्री सरयू राय ने कहीं. श्री राय बिष्टुपुर स्थित अपने अावास पर प्रभात खबर से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भूख से मौत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 19, 2018 5:23 AM
जमशेदपुर : राज्य में सरकारी तंत्र और विभागों की विश्वसनीयता शून्य हो चुकी है, विभाग अगर बेहतर काम करे, तो भी लोगों को भरोसा नहीं होता.यह बातें राज्य के कैबिनेट मंत्री सरयू राय ने कहीं. श्री राय बिष्टुपुर स्थित अपने अावास पर प्रभात खबर से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भूख से मौत के आरोप हमारे विभाग खाद्य आपूर्ति विभाग पर लगे. भूख से हुई मौत की चतरा, गिरीडीह और रामगढ़ के कुजू में पारदर्शी तरीके से जांच करायी.
इसमें पंचायती राज संस्था से जुड़े लोगों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच की. वीडियोग्राफी भी करायी गयी. विपक्षी लोगों को भी बुलाया कि वे जांच में साथ रहें. जांच में प्रमाणित हुआ कि मौत भूख से नहीं हुई है, लेकिन जैसे ही मीडिया में यह बातें आती है, लोग ट्विटर और फेसबुक से लेकर अखबारों में बयानबाजी करने लगते हैं. ऐसे लोग सरकार को जितना बदनाम करते हैं, उतनी ही राज्य की भी बदनामी होती है.
अपने विभाग की गड़बड़ी पर बोलने से नहीं चूकते. श्री राय ने अपनी राजनीति और विभाग के बारे में बताया कि मेरे विभाग में गड़बड़ी होती है, तो हम खुद कहते हैं कि गड़बड़ी हो रही है. हम उतना ही कहते हैं, जो कर सकते हैं. अगर कोई आरोप है, तो विपक्षी दलों को सामने रखना चाहिए. पारदर्शिता के साथ विभाग काम कर रहा है और विश्वसनीयता के साथ जांच हो सकती है. कहीं भी आशंका लगे कि किसी की भूख से मौत हुई है, तो तत्काल उसका पोस्टमार्टम कराया जाये.
सलाह: प्रशासनिक अधिकारी जनता का विश्वास जीतने का काम करें
श्री राय ने राज्य की ब्यूरोक्रेसी को भी सलाह दी. उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन का काम जनता के जरूरतों के हिसाब से ही करें. जनता का विश्वास जीतने का काम करें. प्रशासनिक अधिकारी अपने आचरण से सरकारी संस्थाओं का साख बचायें. यह तब होगा, जब व्यक्ति परक नहीं, बल्कि वस्तुपरक हो. कोई फैसला लेने में मुंहदेखी नहीं हो. जमशेदपुर में पूर्वी और पश्चिमी में काम एक जैसा हो, यह सुनिश्चित कराने की जरूरत है. अगर ऐसा नहीं होगा, तो यहां की जनता का भी विश्वास डगमगायेगा.