दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामले में आरोपियों को 10 व सात वर्ष की सजा

परसुडीह में 27 मार्च 2015 को, जबकि धालभूमगढ़ में 16 दिसंबर 2012 को हुई थी घटना... जमशेदपुर : परसुडीह व धालभूमगढ़ में नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म की अलग-अलग घटना में बुधवार को कोर्ट ने दोनों मामले के आरोपियों को सजा सुनाई. परसुडीह की घटना में आरोपी को जहां दस वर्ष की सजा सुनायी गयी, वहीं […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 5, 2018 5:00 AM

परसुडीह में 27 मार्च 2015 को, जबकि धालभूमगढ़ में 16 दिसंबर 2012 को हुई थी घटना

जमशेदपुर : परसुडीह व धालभूमगढ़ में नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म की अलग-अलग घटना में बुधवार को कोर्ट ने दोनों मामले के आरोपियों को सजा सुनाई. परसुडीह की घटना में आरोपी को जहां दस वर्ष की सजा सुनायी गयी, वहीं धालभूमगढ़ की घटना में आरोपी को सात वर्ष की कोर्ट ने सजा सुनायी. परसुडीह के बागान एरिया बड़ा गोविंदपुर की 9वीं की छात्रा से दुष्कर्म करने के आरोपी उमेश कुमार को एडीजे-10 की अदालत ने बुधवार को दस वर्ष की सजा सुनायी. मामले में कोर्ट ने पूर्व में ही आरोपी को दोषी करार दिया था. इस मामले में शिकायत करने वाले ने आरोपी उमेश कुमार के माता-पिता को भी आरोपी बनाया था,
लेकिन पुलिस ने चार्जशीट सिर्फ आरोपी के खिलाफ ही कोर्ट में सौंपा था. मामले में कोर्ट में सात लोगों की गवाही करायी गयी थी. घटना के संबंध में परसुडीह थाना में 27 मार्च 2015 को मामला दर्ज कराया गया था. मामले को लेकर बताया जाता है कि आरोपी उमेश कुमार और छात्रा दोनों पड़ोस में ही रहते थे. उमेश चेन्नई में स्टील स्ट्रीप लिमिटेड कंपनी में काम करता था. वह साल में एक बार ही अपने घर आता था. 27 मार्च 2015 को उमेश के भांजा का जन्मदिन था. जन्मदिन के मौके पर उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाया था. इस मौके पर नाबालिग छात्रा भी उसके घर आयी थी. इसी दौरान रमेश ने नाबालिग को कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया था. घटना के बाद छात्रा कमरे से चिल्लाते हुए बाहर भागी थी. इसके बाद पार्टी में मौजूद लोगों को भी घटना के बारे में जानकारी मिल गयी थी. फिर मामले को लेकर मुखिया के पास समझौता कराने के लिए गये थे, पंचायत में आरोपी ने छात्रा से शादी करने का समझौता किया था.
2014 में भी किया था दुष्कर्म :
नाबालिग ने कोर्ट में 164 के बयान में बताया था कि आरोपी उमेश कुमार जुलाई 2014 में भी उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया था. उस वक्त उमेश ने धमकी दिया था कि अगर किसी को भी घटना के बारे में जानकारी देगी, तो उसकी हत्या कर देगा.