जमशेदपुर : झारखंड में खुदरा एवं दवा विक्रेताआें के यहां कार्यरत फार्मासिस्ट का लाइसेंस नवीकरण समाप्त करने के झारखंड फार्मेंसी काउंसिल के फैसले के विराेध में 28 सितंबर काे जमशेदपुर की 1300 से अधिक थाेक-खुदरा दवा दुकानें बंद रहेंगी. सरकार ने अगर मांगों पर ध्यान नहीं दिया ताे वह हाई काेर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे.
जमशेदपुर एसाेसिएशन के अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने बताया कि अॉल इंडिया अॉर्गनाइजेशन अॉफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एवं झारखंड केमिस्टस एंड ड्रगिस्ट एसाेसिएशन के आह्वान पर जमशेदपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसाेसिएशन ने दुकानाें काे बंद रखने का फैसला किया है. साकची स्थित एसाेसिएशन के कार्यालय में बुधवार काे आयाेजित बैठक के बाद पत्रकाराें काे जानकारी देते हुए कमल अग्रवाल ने बताया कि झारखंड फार्मेंसी काउंसिल का प्रस्ताव गैर जिम्मेदाराना आैर एकतरफा निर्णय है.
राज्य में कार्यरत सभी फार्मासिस्टाें का रजिस्ट्रेशन बिहार फार्मेंसी काउंसिल में विगत 40 वर्षाें पहले किया गया था आैर झारखंड में उसका नवीकरण 2017 तक हाेता आया है. वैसे फार्मासिस्ट जिनके पास लाइसेंस हैं वे खुदरा दवा दुकानाें में दवा वितरण के कार्य से जुड़कर अपनी जीविका चलाने का काम रहे हैं. झारखंड फार्मेंसी काउंसिल द्वारा लाइसेंस नवीकरण नहीं किये जाने का फैसला गैर कानूनी व अनुचित है.
हाईकाेर्ट द्वारा पारित आदेश के अनुसार फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन बिहार फार्मेंसी काउंसिल द्वारा 1989 से पहले किया गया था. वह बिल्कुल वैद्य है, जिस पर झारखंड फार्मेंसी काउंसिल एवं झारखंज के आैषधि नियंत्रण प्रशासन द्वारा गंभीर साजिश रची जा रही है.
