नाबालिग को न्याय दिलाने सड़क पर उतरे बस्तीवासी

जमशेदपुर : घाघीडीह रिमांड होम में नाबालिग के जान देने के मामले की उच्चस्तरीय जांच और झूठे मुकदमे में फंसाने वाली किशोरी, उसके परिजन व घटना के समय उलीडीह के थानेदार पर कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार की देर शाम को कैंडल मार्च निकाला गया. उलीडीह पोस्ट ऑफिस रोड में रहने वाले नाबालिग के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 24, 2018 4:47 AM
जमशेदपुर : घाघीडीह रिमांड होम में नाबालिग के जान देने के मामले की उच्चस्तरीय जांच और झूठे मुकदमे में फंसाने वाली किशोरी, उसके परिजन व घटना के समय उलीडीह के थानेदार पर कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार की देर शाम को कैंडल मार्च निकाला गया. उलीडीह पोस्ट ऑफिस रोड में रहने वाले नाबालिग के परिजन समेत बस्ती की महिला और पुरुष साकची आम बगान मैदान में जमा हुए. वहां से पैदल मार्च करते हुए सभी साकची गोलचक्कर पहुंचे और वहां पर मोमबत्ती जलाकर सभी ने नाबालिग को श्रद्धांजलि दी.
इधर, आम बगान मैदान में जमा लोगों ने एक स्वर में कहा कि जबतक नाबालिग के परिजन को न्याय नहीं मिलेगा, तबतक उनका आंदोलन जारी रहेगा. कैंडल मार्च में मयंक सिंह, सुमित सिंह, टिंकू झा, सुजीत वर्मा, सुजीत तिवारी, बबलू सिंह, करण, नवीन सिंह, हरेंद्र सिंह, सोमाय मुखर्जी, अर्जुन सिंह, विक्की वर्मा, श्याम सिंह, पवन पुरी, नवीन सिंह, विकास सिंह आदि शामिल थे. आवेदन को हुए चार दिन, अभी तक कोई पुलिस अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचे.
रिमांड होम में नाबालिग की मौत के बाद परिजनों ने एसएसपी से मिलकर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी, उसके परिजन और उलीडीह थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की लिखित शिकायत दी थी. लेकिन दिये जाने काे चार दिन गुजरने के बाद भी पुलिस का कोई अधिकारी उनके घर पर छानबीन करने नहीं पहुंचे. मृतक के भाई के अनुसार पुलिस अभी भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है. रविवार को दिन में पुलिस जीप घर के पास आयी, लेकिन घूमकर चली गयी.
वहीं दूसरी तरफ एसएसपी के निर्देश पर डीएसपी विजय महतो ने जांच शुरू कर दी है. दूसरे दिन उन्होंने उलीडीह थाना पहुंचकर किशोरी द्वारा दर्ज प्राथमिकी और उसपर हुए अनुसंधान के बिंदु पर जांच की. डीएसपी विजय महतो ने बताया कि सभी बिंदु पर जांच होना बाकी है. बिना जांच के किसी भी तरह की टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है. उसकी तह तक जांच होनी बाकी है.