जमशेदपुर : नौकरी से बैठाये जाने से तनाव में था युवक, खुद को लगायी आग, मौत

अधजली अवस्था में पहुंचा घर, मां से कहा- मुझे अब नहीं जीना है मां... एनटीटीएफ से पढ़ाई के बाद गोविंदपुर की इंपीरियल ऑटो इंडस्ट्री में नीम कॉन्ट्रैक्टर के तहत कर रहा था काम टाटा मोटर्स में ब्लॉक क्लोजर के बाद कर्मचारियों को बैठाया गया था, प्रभात भी एक माह से नहीं कर रहा था काम […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 9, 2019 6:40 AM

अधजली अवस्था में पहुंचा घर, मां से कहा- मुझे अब नहीं जीना है मां

एनटीटीएफ से पढ़ाई के बाद गोविंदपुर की इंपीरियल ऑटो इंडस्ट्री में नीम कॉन्ट्रैक्टर के तहत कर रहा था काम

टाटा मोटर्स में ब्लॉक क्लोजर के बाद कर्मचारियों को बैठाया गया था, प्रभात भी एक माह से नहीं कर रहा था काम

जमशेदपुर : गोलमुरी (नामदा बस्ती) के कैलाश नगर टू ए ब्लॉक के ऑटो चालक तारकनाथ के बेटे प्रभात कुमार (20) ने गुरुवार को पेट्रोल डाल कर खुद को आग लगा ली. परिजन तत्काल उसे लेकर टीएमएच पहुंचे. बीसीयू में एडमिट करने के दो घंटे बाद ही उसकी मौत हो गयी.

प्रभात एनटीटीएफ से पढ़ाई करने के बाद गोविंदपुर की इंपीरियर ऑटो इंडस्ट्री में नौकरी कर रहा था. लेकिन पिछले एक माह से उसे नौकरी से बैठा दिया गया था. टाटा मोटर्स में ब्लॉक क्लोजर के कारण इंपीरियर ऑटों में प्रभात के साथ अन्य कर्मचारियों को भी बैठाया गया था.

प्रभात के करीबी व दोस्तों के मुताबिक, नौकरी से बैठाये जाने के कारण वह तनाव में था. यह परिवारवालों को भी नहीं मालूम. परिवार वाले बता रहे कि सुबह 9.30 बजे आग लगाने के बाद वह जली हुई अवस्था में घर पहुंचा. उसे इस हालत मेंे देख उसकी मां सरिता देवी भी पहचान नहीं सकी. जब उसने मां से कहा- मुझे अब नहीं जीना है मां.

यह शब्द सुनते ही उसकी मां हतप्रभ रह गयी. घटना की जानकारी मिलते ही पिता घर पहुंचे और तत्काल एंबुलेंस सेवा 108 को सूचना दी. परिवार वाले प्रभात को 10.30 बजे टीएमएच लेकर पहुंचे. दो घंटे बाद उसकी मौत हो गयी. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि प्रभात ने खुद आग लगायी या उसके साथ कोई अनहोनी हुई है. इस संबंध में परिवार वाले किसी तरह की जानकारी देने की स्थिति में नहीं है.

घर से 100 मीटर दूर जंगल में लगायी आग : बताया जा रहा है कि घर से 100 मीटर दूर छोटा सा जंगल है, जहां प्रभात ने खुद को आग लगायी और उसके बाद वहां से खुद ही बस्ती में आया. जली हुई अवस्था में वह घर को पहचान नहीं सका. वह पड़ोस के घर की चौखट में जाकर बैठ गया. उसके बाद उसकी मां को बुलाया गया.

आज देनी थी एसएससी की परीक्षा : प्रभात प्राइवेट नौकरी करने के बावजूद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था. उसने एसएससी का फॉर्म भरा था. शुक्रवार को उसकी परीक्षा थी. एनएच 33 स्थित सेंटर में ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए उसे जाना था. उसका एडमिट कार्ड दिखा कर मां के आंसू थम नहीं रहे थे.