एक लाख का इनामी राजेश टोपनो समेत चार हार्डकोर माओवादियों का आत्मसमर्पण

बंगामानी, खंूटी का निवासी है नक्सली अनिल सोरेन तीन नक्सली ओडि़शा सुंदरगढ़ के निवासी है संवाददाता, किरीबुरूझारखंड व ओडि़शा पुलिस के लिए सिरदर्द रहे एक लाख का इनामी माओवादी राजेश कुमार टोपनो समेत चार हार्डकोर माओवादियों ने राउरकेला पुलिस एवं सीआरपीएफ की 19वीं बटालियन के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. जिन माओवादियों ने आत्समर्पण किया, उनमें […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 30, 2014 8:03 PM

बंगामानी, खंूटी का निवासी है नक्सली अनिल सोरेन तीन नक्सली ओडि़शा सुंदरगढ़ के निवासी है संवाददाता, किरीबुरूझारखंड व ओडि़शा पुलिस के लिए सिरदर्द रहे एक लाख का इनामी माओवादी राजेश कुमार टोपनो समेत चार हार्डकोर माओवादियों ने राउरकेला पुलिस एवं सीआरपीएफ की 19वीं बटालियन के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. जिन माओवादियों ने आत्समर्पण किया, उनमें राजेश टोपनो उर्फ सुधीर (पिता लारेंस मुंडा, ग्राम तोपाडीह, थाना केवलंग, सुंदरगढ़), कुमारी अनिता कंडूलना (20, पिता जोबे कंडूलना, ग्राम मंगलकाटा, केवलांग, सुंदरगढ़), मान कुमार बागी (20, पिता चंदन बागी, ग्राम पंकडीही, थाना गुरुंडिया, सुंदरगढ़) एवं अनिल सोरेन उर्फ साव (पिता सुंदर सोरेन, ग्राम बंगामानी, थाना जोजोडेरा, खूंटी) शामिल है. नक्सली राजेश व अनिता दक्षिणी छोटानागपुर जोनल कमेटी के सदस्य भी थे एवं सारंडा क्षेत्र में कई वारदातों में शामिल थे. इनके आत्मसमर्पण से किरीबुरू एवं छोटानागरा थाना पुलिस को राहत मिली है. ये मुख्यत: नक्सली नेता समरजी, मिसिर बेसरा, अजय देहुरी के साथ रहते थे. जो पिछले एक-डेढ़ वर्षों से ओडि़शा के देवगढ़ व सुंदरगढ़ जिला में सक्रिय थे. पुलिस को आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि अब संगठन के नेता अपने सिद्धांत से भटक कर निर्दोष आदिवासियों की पुलिस मुखबिर बताकर हत्या कर रहे हैं. ये बड़ी रकम लेवी में ले रहे. आदिवासियों के मासूम बच्चों को गुमराह कर रहे हैं. राजेश टोपनो काफी दिनों से आत्मसमर्पण के प्रयास में था और ओडि़शा पुलिस से संपर्क बनाये था.