स्थानीयता नीति लागू होने के बाद हो बहाली हो: बिरसा मुर्मू (तसवीर आ सकती है)
संवाददाता,जमशेदपुर पोटका विधानसभा समन्वय समिति के अंतर्गत आदिवासी सेंगेल अभियान का शनिवार को करनडीह में एक कार्यालय खुला. इसका उद्घाटन असम के कोकराझाड़ विस समन्वय समिति के संयोजक लुखीराम मुर्मू ने किया. इस अवसर पर अभियान के पोटका विस संयोजक बिरसा मुर्मू ने कहा कि स्थानीयता नीति लागू करने बाद ही राज्य में बहाली की […]
संवाददाता,जमशेदपुर पोटका विधानसभा समन्वय समिति के अंतर्गत आदिवासी सेंगेल अभियान का शनिवार को करनडीह में एक कार्यालय खुला. इसका उद्घाटन असम के कोकराझाड़ विस समन्वय समिति के संयोजक लुखीराम मुर्मू ने किया. इस अवसर पर अभियान के पोटका विस संयोजक बिरसा मुर्मू ने कहा कि स्थानीयता नीति लागू करने बाद ही राज्य में बहाली की जानी चाहिए. उन्होंने भूमि अधिग्रहण संबंधी अध्यादेश वापस लेने, सीएनसी एक्ट को सख्ती से लागू किये जाये. झारखंडी भाषा शिक्षकों की नियुक्ति किये जाने, संताली को प्रथम राजभाषा का दर्जा प्रदान किये जाने की मांग की. श्री मुर्मू ने कहा कि झारखंडी विकास का मॉडल कृषि, वन, पशुपालन, कुटीर उद्योग, शिक्षा स्वास्थ्य पर केंद्रित हो . कार्यक्रम की समाप्ति के बाद राज्यपाल के नाम एक पत्र पे्रषित किया गया. इस अवसर पर बैजनाथ टुडू, सोनाराम सोरेन, बिरसा मुर्मू, विमो मुर्मू, मंगल पाडे़या, मंगल अलडा, डा सोमाय सोरेन, सालखन मुर्मू जूनियर,पार्वती मुर्मू, सिमाती लेयांगी व अन्य उपस्थित थे.
