जमशेदपुर रिफ्यूजी कॉलोनी मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश
जवाब देने के लिए सरकार ने लिया समयरांची : झारखंड हाइकोर्ट में सोमवार को जमशेदपुर की रिफ्यूजी कॉलोनी को रास्ता देने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. […]
जवाब देने के लिए सरकार ने लिया समयरांची : झारखंड हाइकोर्ट में सोमवार को जमशेदपुर की रिफ्यूजी कॉलोनी को रास्ता देने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस वीरेंदर सिंह व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने कहा कि रिफ्यूजी कॉलोनी में लोग वर्ष 1946 से रह रहे हैं. टाटा स्टील से बातचीत कर रास्ते की समस्या दूर किया जाना चाहिए. इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि रास्ता की समस्या दूर करने के लिए उपायुक्त को निर्देश दिया गया है. टाटा स्टील से बातचीत जारी है. जिस जमीन पर रास्ता देने की बात चल रही है, वह टाटा लीज की जमीन है. प्रार्थी की ओर से कहा गया कि कॉलोनी में लगभग 10 हजार लोग रहते हैं. सरकार ने वर्ष 1965 में इस जमीन का अधिग्रहण किया था. कॉलोनी की मुख्य सड़क के किनारे पुलिस लाइन की चहारदीवारी बना दी गयी है. इससे कॉलोनी में बड़े वाहनों का प्रवेश बंद हो गया है. कॉलोनी में अधिकतर मूर्तिकार रहते हैं. बड़े वाहनों का प्रवेश बंद हो जाने से वहां बननेवाली मूर्तियों को बाहर ले जाना मुश्किल हो रहा है. गौरतलब है कि प्रार्थी संजय नंदी व अन्य की ओर से जनहित याचिका दायर की गयी है.
