को-ऑप्शन व ऑफिस बियररों की काउंटिंग पर उठे सवाल
जमशेदपुर: टाटा वर्कर्स यूनियन का चुनाव संपन्न हो गया. नये ऑफिस बियररों की घोषणा हो गयी, लेकिन जिला प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाये गये हैं. चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने भी इसका विरोध किया और जो प्रक्रिया ऑफिस बियररों के चुनाव को लेकर अपनायी गयी है, उस पर ही आपत्ति जतायी गयी है. चुनाव […]
जमशेदपुर: टाटा वर्कर्स यूनियन का चुनाव संपन्न हो गया. नये ऑफिस बियररों की घोषणा हो गयी, लेकिन जिला प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाये गये हैं. चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने भी इसका विरोध किया और जो प्रक्रिया ऑफिस बियररों के चुनाव को लेकर अपनायी गयी है, उस पर ही आपत्ति जतायी गयी है. चुनाव जीत चुके प्रत्याशी तो आपत्ति नहीं जता रहे हैं, लेकिन हारने वाले जरूर आपत्ति जता रहे हैं.
खास कर ऑफिस बियरर का चुनाव लड़ने वालों ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाया है. मतगणना स्थल से दूर रहा मीडिया. मतगणना स्थल से मीडिया तक को दूर रखा गया. मीडिया सेंटर में लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था करने की बात कही गयी थी, लेकिन वह भी व्यवस्था नहीं थी. स्टीलेनियम हॉल में हुआ था विरोध. ऑफिस बियरर की काउंटिंग के वक्त प्रत्याशियों को मतगणना स्थल से दूर रखे जाने का स्टीलेनियम हॉल में भी विरोध किया गया था, लेकिन इसकी अनदेखी कर जिला प्रशासन की ओर से यह चेतावनी दी गयी कि वे लोग चुनाव नहीं करायेंगे. यहीं नहीं, उसकी रिकॉर्डिग तक नहीं हुई.
प्रशासन ने गलत तरीका अपनाया : भगवान सिंह
अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने वाले भगवान सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने गलत तरीका अपनाया. जब कमेटी मेंबरों के चुनाव में 600 से अधिक प्रत्याशियों को अपने काउंटिंग टेबुल पर रहने दिया गया था, तो 11 ऑफिस बियररों के लिए बनाये गये 9 टेबुल पर प्रत्याशियों को क्यों नहीं रहने दिया गया. मीडिया तक की इंट्री नहीं करने देना और काउंटिंग कर सीधे रिजल्ट को घोषित कर देना संदेह पैदा करता है.
काउंटिंग स्थल पर नहीं रहने नहीं दिया गया : रघुनाथ
पूर्व अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय ने कहा कि यह सही है कि हमलोगों को मतगणना स्थल पर रहने नहीं दिया गया था. इसके अलावा इस मामले में हमें ज्यादा कुछ नहीं कहना है. हम लोगों को सीधे रिजल्ट बताया गया.
घोषणा के पहले ही रिजल्ट का पता चल गया : एसके सिंह
डिप्टी प्रेसिडेंट के उम्मीदवार रहे एसके सिंह ने कहा कि यह सही है कि हम लोगों को मतगणना स्थल पर काउंटिंग टेबुल पर रहने नहीं दिया गया था. रिजल्ट बाद में घोषित हुआ लेकिन लेकिन जो लोग जीते वे पहले ही जीतने की घोषणा कर चुके थे.
