जमशेदपुर: ओड़िशा में 36 और जमशेदपुर में 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश के कारण खरकई और स्वर्णरेखा नदी उफान मार रही है. शहर में नदी के किनारे बसे बागबेड़ा, शास्त्रीनगर, कदमा समेत कई इलाकों में पानी घुस गया है. बागबेड़ा में करीब 400 घर जलमगA हो गये हैं. जबकि 500 से अधिक घरों को खाली करा लिया गया है. देर रात को मानगो, कदमा, सोनारी समेत कई इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे निचले इलाके के सैकड़ो घरजलमग्नहो गये. कदमा के शास्त्रीनगर इलाके में सौ से अधिक मकानजलमग्नहो गये है.
ब्लॉक नंबर चार से लेकर दो और तीन के मकान डूबे हुए हैं. मानगो के निचले इलाके में भी कई लोग फंस गये हैं. मानगो के गौड़ बस्ती, दाईगुट्ट के निचले इलाके के अलावा डिमना रोड के कुंवर बस्ती समेत आसपास के इलाके में करीब डेढ़ सौ से अधिक घरों में पानी घुस चुका है. जिला प्रशासन की ओर से नदी के तटीय इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया गया है. जिला प्रशासन की ओर से तटीय इलाकों में माइक से प्रचार कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा जा रहा है.
बागबेड़ा नया बस्ती और उसके आस-पास की चार बस्तियों में, शास्त्रीनगर के निचले इलाके के साथ-साथ मानगो कुंवर सिंह रोड के नाले के पास भी जल जमाव हो गया है. ओड़िशा के व्यंगबिल डैम के तीन फाटक और खरकई डैम के दो फाटक खोले जाने की सूचना मिलने पर डूब क्षेत्र के पास रहनेवाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है.
डीसी ने दिया अधिकारियों को निर्देश
बागबेड़ा नया बस्ती में नदी का पानी घरों में घुसने और लगातार स्वर्णरेखा और खरकई नदी के जल स्तर बढ़ने के बाद डीसी डॉ अमिताभ कौशल ने जेएनएसी, एमएनएसी और जमशेदपुर सीओ को अपने-अपने क्षेत्रों के तटीय इलाकों का दौरा कर लोगों को सतर्क करने का निर्देश दिया है. पूर्व में बनाये गये राहत शिविरों में लोगों को रखने का आदेश डीसी ने सभी अधिकारियों को दिया है. देर रात जेएनएसी के विशेष पदाधिकारी आरएन द्विवेदी ने कदमा शास्त्रीनगर ब्लॉक 4 में जाकर स्थिति का जायजा लिया.

