भगवान राम सहित माता सीता की करें पूजा

(फोटो राम सीता नाम से सेव है)सीता नवमी व्रत 27 अप्रैल कोलाइफ रिपोर्टर@जमशेदपुर वैशाख शुक्ल नवमी को सीता नवमी या श्री जानकी जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. वैसे वैशाख नवमी तिथि का शुभारंभ आगामी 26 अप्रैल (रविवार) की रात्रि 8:17 बजे हो रही है जो अगले दिन (सोमवार, 27 अप्रैल को) रात्रि 9:52 […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 24, 2015 10:05 PM

(फोटो राम सीता नाम से सेव है)सीता नवमी व्रत 27 अप्रैल कोलाइफ रिपोर्टर@जमशेदपुर वैशाख शुक्ल नवमी को सीता नवमी या श्री जानकी जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. वैसे वैशाख नवमी तिथि का शुभारंभ आगामी 26 अप्रैल (रविवार) की रात्रि 8:17 बजे हो रही है जो अगले दिन (सोमवार, 27 अप्रैल को) रात्रि 9:52 बजे तक रहेगी. शास्त्रों के अनुसार माता जानकी की उत्पत्ति वैशाख शुक्ल नवमी के दिन मध्याह्न वेला में हुआ था, जो इस वर्ष हमें रविवार (27 अप्रैल) को ही प्राप्त हो रहा है. इस दिन प्रात: स्नानादि से निवृत्त होने के पश्चात मध्याह्न वेला में राम-जानकी की यथा विधि पूजा की जाती है. इसके पश्चात परिजनों एवं कुटुंब जन के साथ रामायण पाठ एवं कीर्तन करते हुए इस व्रत को मनाया जाता है. वैसे श्रद्धालु इस दिन व्रत भी रखते हैं. व्रत के लिए एक दिन पूर्व ही संकल्प लेना चाहिए, जिसके बाद उक्त दिन सात्विक आहार लेते हुए व्रत के दिन उपवास करना चाहिए. इस प्रकार उपवास रख कर मध्याह्न वेला में विधिवत पूजा की जाती है एवं संध्या समय पुन: आरती-कीर्तन आदि के उपरांत प्रसाद ग्रहण किया जाता है. चूंकि, इस दिन माता सीता का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन को मैथिली दिवस के रूप में भी मनाया जाता है.