जिले का अंतिम सर्वे हो स्थानीयता की पहचान
उपमुख्य संवाददाता,जमशेदपुर झारखंड आंदोलनकारी मोरचा के केंद्रीय संयोजक वीर सिंह सुरीन ने कहा कि जिले के अंतिम सर्वे के खतियान को पहचान मान कर स्थानीयता नीति की घोषणा की जानी चाहिए. सोमवार को निर्मल भवन में मोरचा की केंद्रीय संयोजक मंडली की बैठक हुई. इसमें चार मई को विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा आहूत बंद को […]
उपमुख्य संवाददाता,जमशेदपुर झारखंड आंदोलनकारी मोरचा के केंद्रीय संयोजक वीर सिंह सुरीन ने कहा कि जिले के अंतिम सर्वे के खतियान को पहचान मान कर स्थानीयता नीति की घोषणा की जानी चाहिए. सोमवार को निर्मल भवन में मोरचा की केंद्रीय संयोजक मंडली की बैठक हुई. इसमें चार मई को विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा आहूत बंद को नैतिक समर्थन देने का निर्णय लिया गया. श्री सुरीन ने कहा कि रघुवर सरकार यदि अन्य आधार वर्ष को मानकर स्थानीयता तय करती है, तो मोरचा इसका विरोध करेगा. स्थानीयता पर महाबहस मोरचा स्थानीयता नीति पर जिलावार महाबहस आयोजित करेगा. प्रथम चरण में 3 मई को सुवर्णरेखा गेस्ट हाउस में, दस मई को सरायकेला में और 17 को चाईबासा में आयोजन होगा. द्वितीय चरण में उत्तरी-दक्षिणी छोटानागपुर, पलामू व संथाल परगना प्रमंडल में महा बहस आयोजित किया जायेगा. बैठक मे उपस्थित थे : जेपपी के अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा, राजेश मुंडरी, श्रीपाल सिंह मुंडा, रुईदास लेयांगी, पंकज मंडल, राजेश महतो, नारायण मुर्मू, हीरालाल शंकवार, सेलेस्टीन कुजूर, अरुण कुमार साहू, शफीक आलम समेत अन्य.
