जगन्नाथपुर : घर में ही हुआ प्रसव
जगन्नाथपुर-1, रानी लागुरी अपने नवजात बच्ची के साथ प्रतिनिधि, जगन्नाथपुर ममता वाहनों की हड़ताल व समय पर किसी वाहन की व्यवस्था नहीं होने से जेटिया पंचायत के सैलदे गांव की रानी लागुरी(28) का प्रसव गंभीर स्थिति में घर में ही कराया गया. गुरुवार की सुबह पांच बजे रानी को प्रसव पीड़ा हुई. उसके पति मानसिंह […]
जगन्नाथपुर-1, रानी लागुरी अपने नवजात बच्ची के साथ प्रतिनिधि, जगन्नाथपुर ममता वाहनों की हड़ताल व समय पर किसी वाहन की व्यवस्था नहीं होने से जेटिया पंचायत के सैलदे गांव की रानी लागुरी(28) का प्रसव गंभीर स्थिति में घर में ही कराया गया. गुरुवार की सुबह पांच बजे रानी को प्रसव पीड़ा हुई. उसके पति मानसिंह लागुरी ने सहिया प्रतिमा लागुरी को सूचित किया. सुबह 7.10 बजे सहिया ने जिला के ममता वाहन सेंटर में कॉल किया तो पता चला कि ममता वाहन हड़ताल पर है. गांव में तत्काल वाहन की व्यवस्था नहीं होने के कारण आपात स्थिति में 7.40 बजे प्रसव कराया गया. रानी ने एक बच्ची को जन्म दिया है. —-ममता वाहनों की हड़ताल से हमें क्या लेना-देना. स्वास्थ्य विभाग को इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए. घर में गंभीर स्थिति में हुए प्रसव के दौरान पत्नी को कुछ हो जाता तो जिम्मेदार कौन होता. मानसिंह लागुरी, पति प्रसव पीड़ा की खबरे मिलते ही संस्थागत प्रसव के लिये ममता वाहन सेंटर कॉले किया था. लेकिन उनके हड़ताल में होने के कारण घर में ही महिला ने बच्चों को जन्म दिया. हालांकि जच्चा बच्चा स्वस्थ्य है. प्रतिमा लागुरी, सहियाघर-घर जाकर हम सरकार की हर जनकारी लाभुकों तक पहुंचाते है. लेकिन लाभुकों को यह लाभ निचले अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के कारण नहीं मिल पाता है. मेरी नानिका सवैंया, सेविका
